सेंट्रल एक्साइज दिल्ली (I) और (II) में रिश्वत की कलेक्शन करोड़ों में

सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट बना भ्रष्टाचार का अड्डा 
नई दिल्ली : कस्टम, सेंट्रल एक्साइज तथा सर्विस टैक्स का नाम आते ही रिश्वत का चेहरा सामने आ जाता है। अब रिश्वत के इस खेल में शामिल हर शख्स ने इसे अपनी आदतों में शुमार कर लिया है। अगर आपको कस्टम में कोई काम करवाना है तो बिना रिश्वत के नही होगा, अगर आपको एक्साइज में काम है तो रिश्वत देनी ही पड़ेगी, यहाँ तो मलाईदार सीटों पर भी हमेशा माफियाओं का ही राज रहता है लेकिन अब सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट भी इससे जुड़ गया है।
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आज से कुछ साल पहले पैदा हुआ यह डिपार्टमेंट अब जवान हो चुका है और अब इस पर भी अफसरों के लिए रिश्वत के फल लगने शुरू हो गए हैं। अब भ्रष्ट अफसरों की पहली ख्वाहिश होती है सर्विस में टैक्स एंटीविज़न। जैसे कि सेंट्रल एक्साइज में पहली अफसरों की ख्वाहिश होती है, एंटीविजन जहाँ भ्रष्ट अफसर साम,दाम, दंड, भेद से अपनी पोस्टिंग एंटीविजन में करवाता है और करोड़ों की रिश्वत इकट्ठी करता है मगर यह पैसे इनको खुद इकट्ठे करने पड़ते हैं मगर सर्विस टैक्स में यह पैसा सीए (Chartered Accountants) द्वारा इकट्ठा किया जाता हैं। आज भारत में सबसे ज्यादा रेवेन्यू सर्विस टैक्स से इकट्ठा होता है। इसमें भी यही बात लागू होती है कि जितना टैक्स कलेक्शन इकठ्ठा होगा रिश्वत का खेल भी उतना ही बड़ा होगा। जिस तरह से सेंट्रल एक्साइज दिल्ली (I) और दिल्ली (II) में रिश्वत इकट्ठा होती है इसी तरह से कुछ समय से सर्विस टैक्स में भी यह खेल पूरी तरह शुरू हो चुका है। यहाँ तो पर-यूनिट मंथली और क्वाटर्ली  रिश्वत ली जा रही है और टैक्स चोरी से नजर हटा ली जाती है। सेंट्रल एक्साइज में भी हजारों कंपनियां ऐसी है जो अफसरों के आशीर्वाद से टैक्स चोरी कर रही हैं। ऐसी कई यूनिटें हैं जो अपने क्षमता (लिमिट  से ज्यादा काम करती है और पकड़ी भी नही जाती हैं, यह सब खेल भ्रष्ट अफसरों की पहचान से चलता है सूत्रों की माने तो दिल्ली (I) और दिल्ली (II) की रिश्वत की कलेक्शन 19 करोड़ से लेकर 22 करोड़ तक के लगभग है। जो इन भ्रष्ट अफसरों के माध्यम से इकट्ठा किया जाता है जो कि ऊपर से नीचे तक के लोगों में बंटता है। सूत्रों की माने तो कई बड़े उद्योगपतियों  के यहाँ यह पैसा इकट्ठा करके रखा जाता है और बांटा जाता है रवेन्यू न्यूज़ कुछ पुख्ता जानकारियों के आधार पर इस विषय पर आगे विस्तार से लिखेगा कि सेंट्रल एक्साइज में भ्रष्ट अफसरों द्वारा पैसा किस तरह इकट्ठा किया जाता है।

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