ई-कॉमर्स ऐप ने छोटे व्यापारियों को जीएसटी के फेर में फँसाया

हिमांशु वर्मा (झाँसी) : अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन सेल माध्यम से जुड़े छोटे व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है। वाणिज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग ने ऐसे तमाम छोटे व्यापारियों को नोटिस भेजकर 7 दिन के अन्दर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है। ऐसा न कराने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

खाने से लेकर हर ़जरूरत की वस्तु की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स ऐप का खूब इस्तेमाल हो रहा है। ऑनलाइन माध्यम से बिक्री लोगों की पहली पसन्द बनी हुई है तो व्यापारियों को भी इसका खूब फायदा होता है। अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए कई छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेण्डर्स आदि ने खुद को ई-कॉमर्स ऐप से जोड़ लिया है। इसकी निगरानी कर रहे वाणिज्य कर विभाग ने ऐसे तमाम व्यापारियों को नोटिस जारी कर कार्यवाही की चेतावनी दी है। नोटिस में बताया गया कि ई-कॉमर्स ऑपरेटर के जरिए ऑनलाइन डिलिवरि करने पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यदि 7 दिन के अन्दर रजिस्ट्रेशन कराकर विभाग को सूचना नहीं दी गयी तो सम्बन्धित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद ऐसे व्यापारी परेशान हैं और समझ नहीं पा रहे कि इतने छोटे व्यापार पर कैसे उन्हें जीएसटी भरने के लिए कहा जा सकता है।

 

जीएसटी प्राविधान के अनुसार 20 लाख रुपए से कम वार्षिक टर्न ओवर होने पर जीएसटी में पंजीकृत होने की ़जरूरत नहीं है, पर कुछ श्रेणियाँ ऐसी हैं, जिनके अन्तर्गत आने पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। ई-कॉमर्स ऑपरेटर के जरिए ऑनलाइन सेलिंग इसी अनिवार्य श्रेणी का हिस्सा है। इसका मतलब यदि आपका वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रुपए से कम भी है और आप ई-कॉमर्स ऐप के जरिए गुड्स या सर्विस की सप्लाई कर रहे हैं तो आपको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और हर महीने रिटर्न फाइल करना होगा।

 

सौजन्य से: दैनिक जागरण

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