देश में इस रूट से हर साल होती है बड़े पैमाने पर गोल्ड स्मगलिंग

भारत में सोने की कीमते रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैण् इसके बाद सोने की तस्करी ;ळवसक ैउनहहसपदह पद प्दकपंद्ध की आशंका भी बढ़ गई हैण् ये कोई नई बात नहीं है लेकिन ये इतने बड़े पैमाने पर होती है कि आप हैरान हो सकते हैंण् अप्रैल से जून 2019 के बीच भारतीय कस्टम विभाग ;ब्नेजवउे क्मचंतजउमदजद्ध ने करीब 1198 किलोग्राम सोना पकड़ने का जारी कियाण् ये पिछले साल के इसी समय के हिसाब से 23ण्2 फीसदी ज़्यादा हैण् आखिर देश में सोने की तस्करी का कारोबार ;ैउनहहसपदह ैजंजपेजपबेद्ध कितना बड़ा है और कैसे होता हैण्

सोने के कारोबार से जुड़े ;ळवसक ठनेपदमेेद्ध लोगों के हवाले से ​खबरें हैं कि सोने के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता भारत में सोने के आयात ;ळवसक प्उचवतजद्ध पर 12ण्5 से 15ण्5 फीसदी तक टैक्स देना पड़ता है इसलिए सोने की तस्करी को बढ़ावा मिला हैण् वहींए कस्टम और डीआरआई ;क्त्प्द्ध की मानें तो मध्य पूर्व से सोने की तस्करी के मामले ज़्यादा हैं क्योंकि मध्य पूर्व ;डपककसम म्ंेजद्ध और भारत में सोने की कीमतों में अंतर हैए जिससे तस्करों को सीधा मुनाफा होता हैण् आइएए पूरी कहानी सिलसिलेवार जानिएण्

कितना बड़ा है सोने की स्मगलिंग का कारोबारघ्
2018.19 के वित्तीय वर्ष में आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से तस्करी किया जा रहा कुल 4 टन सोना देश भर में पकड़ा गयाए जो पिछली साल करीब सवा तीन टन पकड़ा गया थाए जिसकी कीमत 974 करोड़ रुपये बताई गई थीण् ये तो है तस्करी किए जा रहे उस सोने की बात जो पकड़ा गया लेकिन भारत में कितना बड़ा है सोने की तस्करी का कारोबारए ये कैसे पता चलेगाघ्
डीआरआई के हवाले से इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में लिखा गया कि ज़ब्त सोना कुल तस्करी का ज़्यादा से ज़्यादा 10 फीसदी तक होता हैण् यानी 9 हज़ार करोड़ रुपये की कीमत के करीब 33 टन सोने की तस्करी का अनुमान 2017.18 के वित्तीय वर्ष में थाण् वहींए न्यूज़18 की खबर में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हवाले से दर्ज है कि 2018 में भारत में 95 टन सोने की तस्करी हुईण् गोल्ड रिफाइनरी व मिंट्स की भारतीय संस्था के आंकड़ों के मुताबिक इससे दोगुनी तस्करी हुईण् यानी कोई पुष्ट आंकड़ा नहीं हैए लेकिन एक अनुमान लगाया जाए तो करीब 35 से 40 हज़ार करोड़ रुपये तक तस्करी का सालाना कारोबार नामुमकिन नहीं हैण्कैसे होती है तस्करीघ्
सोना की तस्करी आमतौर से बिस्किट के रूप में ही होती रही हैए लेकिन समय के साथ कई तरकीबें अपनाई गई हैंण् कम क्वांटिटी में तस्करी के लिए कैरियर सोने के बिस्किट निगलने की ट्रिक अपना चुके हैंण् हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोने का अन्य रसायनों के साथ एक लेप शरीर पर लगाकर भी तस्करी की कोशिश की जा चुकी हैण् दूसरी बात है रूट या नेटवर्कण् ताज़ा ट्रेंड्स बताते हैं कि मध्य पूर्व और भारत के बीच सोने की तस्करी काफी बढ़ी है क्योंकि मध्य पूर्व में सोने की कीमतें भारत की तुलना में 4 हज़ार रुपये तोला तक कम हैंण् तस्करी के कैरियर को प्रति तोला 1 हज़ार रुपये देने के बाद भी 3 हज़ार रुपये प्रति तोला तस्कर को सीधा मुनाफा होता हैण्

म्यांमार का क्लासिक तस्करी रूट
उत्तर पूर्व के चार राज्यों से म्यांमार की सीमा सटी हैए जिस पर बड़े इलाके में कोई खास चौकसी का इंतज़ाम भी नहीं हैण् ईटी की रिपोर्ट की मानें तो म्यांमार में भी सोने की कीमत प्रति तोला 5 हज़ार रुपये तक भारत की तुलना में कम हैण् इसलिए यहां से तस्करी लंबे समय से हो रही हैण् कस्टम और डीआरआई के अफसरों के हवाले से खबर के मुताबिक म्यांमार के मोरेह से तस्करी शुरू होती है और सोना पहले इम्फाल पहुंचता हैण् कई हाथों से होकर पहुंचे इस सोने को इम्फाल से नागालैंड के दीमापुर और असम के सिलचर भेजा जाता हैण् इसके बाद रेल या स्थानीय हवाई यात्राओं के ज़रिए ये दिल्लीए कलकत्ता जैसे शहरों तक डिलीवर किया जाता है

 

सौजन्य से: न्यूज 18

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