दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर अफसरों की मिलीभगत से हो रही थी स्मगलिंग

Image result for igi terminal 3रेवेन्यू न्यूज की खबर पर लगी मोहर।

धर्मवीर आनंद
नई दिल्ली : दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर अफसरों की मिलीभगत से हो रही थी स्मगलिंग। कस्टम ने इस गिरोह का पदार्फाश किया तथा एक कस्टम इंस्पेक्टर को पकड़ा। पिछले अंक में हमने लिखा था की आईजीआई एयरपोर्ट पर स्मगलिंग हो रही है। जिसमे कई अफसरों की मिलीभगत है इसके बाद दो केस पकड़े गए एक केस होटल में पकडी गई सिगरेट स्मगलिंग का और दूसरा केस यह कस्टम अधिकारियों ने मंहगी सिगरेट के करीब 1639 पैकेट, 14 ड्रोन, 18 स्टील कैमरे, 1 मैक बुक, 16 शराब की बोतल की स्मगलिंग के आरोप में छह मुलजिम पकड़े गए। अचानक इनमें से तीन मुलजिम कस्टम की कस्टडी से भाग गए। कस्टम अधिकारियों ने 100 नंबर कॉल की। किसी तरह से चार घंटे बाद उन्हें दोबारा पकड़ा जा सका।
टर्मिनल 3 के अंदर से कस्टम की कस्टडी से तीन लोगों के भागने का यह पहला मामला है। जांच के दौरान इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि इन आरोपियों से कस्टम का ही एक अफसर भी मिला हुआ था। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के अडिशनल कमिश्नर डॉ. अमनदीप सिंह ने छह मुलजिमों और एक कस्टम अफसर के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है।
दूसरी ओर इस मामले में एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि एक करोड़ 9 लाख रुपये की स्मगलिंग का माल लेकर आ रहे छह आरोपी दो अलग-अलग फ्लाइट से टी-3 पर आए। इनमें से एक रात 12 बजे जेट एयरवेज से और दो घंटे बाद रात दो बजे चार लोग कुवैत एयरवेज की फ्लाइट से आईजीआई पहुंचे। उनके बारे में कस्टम को केवल इतनी जानकारी थी कि वे लोग स्मगलिंग कर रहे हैं लेकिन असली सिंडिकेट क्या है इस बारे में कुछ जानकारी नहीं थी।
कस्टम अधिकारियों ने पहले जिन दो लोगों को पकड़ा था उन्होंने कोई खास विरोध नहीं किया था। बाद में जिन चार लोगों को पकड़ा गया उनमें से एक गगन नाम के यात्री ने कस्टम अधिकारियों को ही धमकाना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि आरोपी यात्री ने कस्टम अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि तुम लोग कैसे पकड़ सकते हो यहां से निकलने के लिए पहले ही पैसे दे रखे हैं। बस आवेश में बोली गई इसी बात ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में अहम रोल अदा किया। जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को आरोपियों के दो मोबाइल फोन पर कस्टम के ही एक इंसपेक्टर का वॉट्सऐप नंबर मिला। इसमें इनके आने-जाने की डील की सारी कहानी लिखी हुई थी। उस इंस्पेक्टर से पूछताछ करके बाद में उसे पकड़ लिया गया।
जांच करते-करते इसी बीच कस्टम की कस्टडी के 6 मुलजिमों में से तीन टी-3 के अंदर से कीमती सामान उठाकर रफूचक्कर हो गए। इसके बाद 100 नंबर कॉल करके पुलिस से मदद मांगी गई। 4 घंटे की लंबी-चौड़ी एक्सरसाइज के बाद फरार तीनों मुलजिमों को पकड़ पाने में कस्टम अधिकारी कामयाब हो पाए।
सूत्रों के अनुसार उस स्मगलर ने और अफसरों के नाम बतायें कमिश्नर ने रेवेन्यू न्यूज को बताया की जो भी इस अफसर इसमे लिप्त होगा उस पर पूरी कार्रवाई होगी। तथा जिनको पकड़ा है उनको हटवाने की कार्रवाई चल रही है अब देखा यह जायेगा की यह दागी अफसर अपने आप को बचाने के लिए कहां तक हाथ-पैर चलायेंगे। जीत तो इन दागी अफसरों की ही होगी क्योंकि यह एक माफिया गिरोह चल रहा है बडेÞ-बड़े लोग इसमे गॉड फादर हैं और डिपार्टमेंट भी नहीं चाहेगा की उनके अफसरो की बदनामी हो। लिखना तो हम भी बहुत कुछ चाहते है मगर हम भी नहीं चाहते की उन बड़े अफसरों की मुछे नीचे हो जाऐ। वैसे शर्म आनी चाहिए की देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर दागी अफसरों का जमावड़ा बना रहता है क्यो?

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