ड्रग का धंधा कर रहे फार्मा कारोबारी डीआरआई की गिरफ्त में

नई दिल्ली : दिल्ली की छह फार्मा कंपनियों के मालिकों सहित छह लोगों को डाइरेक्टर ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस डीआरआई (डीआरआई) ने पार्टी ड्रग्स हासिल करने और दिल्ली और मुंबई से सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डीआरआई के ख़ुफ़िया अधिकारियों ने 350 किलो सूडो एफेड्राइन जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल एम्फेटामाइन टाइप स्टिम्युलेंट (एटीएस) बनाने में कच्चे माल के रूप में तैयार होता है।  इसके वैरिएंट्स ड्रग्स मार्किट एक्सटेसी स्पीड और कई दूसरे नामों से जाने जाते हैं और इनका इस्तेमाल पार्टी ड्रग्स के तौर पर होता है। ametxrvg60942
इसको इस साल की सबसे बड़ी जब्ती मन जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि रेकेट पिछले कुछ साल से चल रहा है। इसमें कुछ सरकारी ऑफिसर्स का भी हाथ रहा है। इस मामले में इन सबकी भूमिका की पड़ताल चल रही है। इस मामले की जाँच करने वाले ऑफिसर्स के मुताबित जब्त किये गए ड्रग्स पार्टी करने वालों के बीच काफी पॉपुलर हैं। लोकल मार्किट में इसका बड़े पैमाने पर यूज होता है और इनको विदेश भी भेजा जाता है।
सरकारी सूत्रों ने बताया, इस ड्रग्स ने कोकीन की जगह ले ली है। क्योंकि इसके मुकाबले ये ड्रग्स सस्ते हैं और आसानी से मिल जाते हैं। इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमे इष्ट दिल्ली के विषौर्म फार्मास्युटिकल के मालिक डीपी सक्सेना, देहरादून के डिफॉल्डिस फार्मा के डाइरेक्टर आइ. पी चावला, हिमांचल प्रदेश के बद्दी के जीटी फार्मा के मालिक सुल्तान अंसारी शामिल हैं।
माना जा रहा है कि तीन बिजनेसमैन जो, कार्टेल को ये ड्रग्स सप्लाई करते थे, उनको भी पकड़ा गया है। इनके नाम मनोज कुमार, राजेश भोला और विशाल चौधरी बताया जाता है। एक सूत्र ने बताया कि सभी छह आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला बनाया गया है।

स्रोत : ईटी

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