ड्यूटी फ्री बादाम से इम्पोर्टर्स मुश्किल में

नई दिल्ली : देश में आजकल कैलिफोर्नियाई बादाम की बाढ़ आ गई है। यह बादाम ड्यूटी फ्री बार्टर ट्रेड रूट से लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के जरिए कश्मीर पहुंच रहा है। इससे बादाम के बिजनस और रेवेन्यू लॉस हो रहा है। नॉर्मल रूट के जरिये बादाम बेचने वाले ट्रेडर्स और इस खास रूट के तहत कारोबार करने वालों के बीच लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाली है। दरअसल, डोमेस्टिक इंपोर्टर्स से जुड़ी एक लॉबी इस मामले में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी में है।Dried_Almond
एग्रो इंपोर्टर्स असोसिएशन के प्रेजिडेंट अर्पेश गर्ग ने बताया, ‘हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं…सरकार को हालात ठीक करने की तत्काल जरूरत है।’ भारत और पाकिस्तान ने विश्वासी बहाली के उपायों के मद्देनजर 2008 में बार्टर (सामानों की अदला-बदली) के आधार पर एलओसी पर कुछ सामानों के ड्यूटी फ्री ट्रेड की इजाजत दी थी। इस रूट के जरिये ट्रेड का इरादा वैसे सामान और प्रॉडक्ट्स को बढ़ावा देना था, जो सिर्फ कश्मीर रीजन में पाए जाते हैं। हालांकि, पिछले कुछ साल में कैलिफोर्नियाई बादाम देश में काफी पॉप्युलर हो गया है और इस बादाम की एंट्री एलओसी पर बार्टर रूट के जरिये होती है।
भारत ने फाइनैंशल इयर 2014-15 में 60 करोड़ डॉलर का बादाम इंपोर्ट किया, जो 2010-11 के 31.6 अरब डॉलर से तकरीबन दोगुना है। बार्टर ट्रेड के जरिये बादाम की बढ़ती सेल्स के कारण नॉर्मल इंपोर्ट चैनल का इस्तेमाल करने वाले ट्रेडर नाराज हैं और इससे भारत को रेवेन्यू का भी नुकसान हो रहा है।
गर्ग ने बताया, ‘यह पॉलिसी इसलिए नहीं बनाई गई थी कि कश्मीर रीजन में तैयार या पैदा नहीं होने वाले आइटम के लिए भी ड्यूटी फ्री ट्रेड की इजाजत दी जाए। इस पॉलिसी का मकसद कभी भी यह नहीं रहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच एक समानांतर ड्यूटी-फ्री बॉर्डर तैयार कर दिया जाए।’
पाकिस्तान में छिलका वाले बादाम पर 22 रुपये प्रति किलो इंपोर्ट ड्यूटी है, जबकि भारत में यह 90 रुपये प्रति किलो है। इससे दोनों मुल्कों के ट्रेडर्स को बार्टर रूट के जरिये कमाई का बेहतर मौका मिल जाता है।
असोसिएशन ने फाइनैंस और कॉमर्स मिनिस्ट्री को भेजी अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि यह जरिया इतना आकर्षक बन गया है कि ट्रेडर्स इस कीमतों में भी गड़बड़ी करने लगे हैं। याचिका के मुताबिक, बादाम की वास्तविक कीमत 11 डॉलर प्रति किलो होती है, जिसे ट्रेडर्स 1 डॉलर प्रति किलो बताते हैं, ताकि ड्यूटी कम लगे या इससे बचा जा सके। कॉमर्स डिपार्टमेंट ने हाल में फाइनैंस मिनिस्ट्री को चिट्ठी लिखकर बादाम पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की मांग की थी। हालांकि, फाइनैंस मिनिस्ट्री ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। पॉलिसी के तहत ऐग्रिकल्चरल कमोडिटीज पर इंपोर्ट ड्यूटी काफी ज्यादा रखी जाती है।

स्रोत : ईटी

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