डीआरआई दिवस वित्त राज्यमंत्री द्वारा केक काट कर मनाया गया

डीआरआई दिवस वित्त राज्यमंत्री द्वारा केक काट कर मनाया गया

Dec 15 नई दिल्ली : डीआरआई स्थापना दिवस एक ऐसा दिन है जिस दिन डीआरआई ने जन्म लिया था। इस दिन देश की सेवा के लिए इस डिपार्टमेंट की स्थापना की गई थी। स्मगलरों को पकड़ने के लिए जांबाज लोग भर्ती किये गये थे। आज भी स्मगलर अगर किसी से डरते है वह है डीआरआई डिपार्टमेंट।
अगर कुछ साल पहले और अब के साल में अंतर किया जाये तो अभी डिपार्टमेंट कुछ सुस्त हुआ है। स्मगलर अन्य एजेंसियों की तरह इस एजेंसी की भी अब परवाह नहीं करते है। कस्टम प्रिवेंटीव तथा एसआईआईबी जैसे डिपार्टमेंट को स्मगलर पहले ही कुछ नहीं समझते थे।
अब डीआरआई में भी कुछ ऐसे अफसर आ रहे है जिनकी वजह से स्मगलरों का डर खत्म होता जा रहा है। आज फिर समय आ गया है कि सरकार डीआरआई की तरफ विशेष ध्यान दे और जो क्वालिटी में फर्क आया है उसके बारे में सोचें की हमें फिर उन बातों पर गौर करना है कि यह डर क्यों खत्म हो रहा है। देशहित में इस डिपार्टमेंट को आलसी नहीं होना है। खासतौर पर यह ध्यान देना है कि भ्रष्ट अफसरों की यहां भर्ती न हो दिल्ली में दिल्ली कमिश्नर के लोग न लिये जाये ताकि यह स्मगलर टाईप इम्पोर्टर तथा गलत काम करने वाले सीएचए यहां अपनी पैंठ न जमा सके।
इस समारोह में आये वित्त राज्यमंत्राी का चेयरमैंन नजीब शाह तथा डॉ. जॉन जोसफ ने सम्मान- पूर्वक स्वागत किया। केक काटा गया उसके बाद खाने-पीने का जोरदार इंतजाम था। कई चीफ कमिश्नर तथा कमिश्नर और दिल्ली तथा अन्य कमिश्नरेटों के छोटे-बड़े अफसर वहां मौजूद थे। सभी ने समारोह का जम कर मजा लिया। एक बात कि वहां कमी खल रही थी कि इस जांबाज दिवस पर कुछ देश भक्ति का संगीत होता, राष्ट्रगान गाया जाता। डीआरआई की खास उपलब्धियों को पढ़कर सुनाया जाता। कई अच्छे जांबाज अफसरों का स्वागत होता तो इस समारोह में चार चांद लग जाते।
मगर यह डीआरआई दिवस महज एक परिवारिक समारोह बन कर रह गया।

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