खारी बावली का व्यापारी फंसा करोड़ों की बोगस ट्रेडिंग में

नई दिल्ली : वैट विभाग ने ड्राई फ्रुटस और मसालों के होलसेल हब खारी बावली में एक ट्रेडर को 104 करोड़ रुपये की इंटरस्टेट बोगस ट्रेडिंग के आरोप में पकड़ा है। विभाग ने टैक्स और पेनाल्टी जोड़कर उसे 20 करोड़ का डिमांड नोटिस भी थमा दिया। इसे बाजार में अब तक की सबसे बड़ी टैक्स चोरियों में से एक बताया जा रहा है। हालांकि इस जांच के पीछे एक और कहानी निकल कर आ रही है। खारी बावली में पिछले कई दिनों से लगातार सरकार विरोधी धरने- प्रदर्शन हो रहे थे और व्यापारियों ने केजरीवाल का पुतला भी जलाया था। आधिकारिक सूत्राों का कहना है कि सरकार ने ट्रेडर्स की मांगों के आगे झुकने के बजाय उन्हें आक्रामक तरीके से आईना दिखाने का मन बनाया है।
अधिकारियों का दावा है देश में सबसे बड़ा व्यापार केंद्र होने के बावजूद खारी बावली से वाजिब टैक्स नहीं आता। वैट विभाग पिछले कुछ दिनों से यहां के टॉप डीलर्स की फाइलें, सेल्स बुक और रिटर्न खंगाल रहा था और अब उसके हाथ कई मामले लगे है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जिस डीलर के खिलाफ डिमांड नोटिस जारी हुआ है, वह ड्राई फ्रूटस में व्यापार करता है। साल 2014-15 उसका टर्नओवर 155 करोड़ था। उसने एक अवधि विशेष में राजस्थान के व्यापारियों के साथ 104 करोड़ रुपये की बोगस ट्रेडिंग की है। विभाग की एक टीम ने राजस्थान का दौरा किया था। जांच में पता चला कि खारी बावली के व्यापारी की ओर से दिखाए गए राजस्थान के 8 डीलर्स का वहां कोई अता-पता नहीं है या उन्होंने अपना वैट रजिस्ट्रेशन कैंसल करा लिया है। खारी बावली के डीलर ने विभाग से सी फॉम तो क्लेम किया लेकिन उन्हें उन ट्रेडर्स को जारी नहीं किया। विभाग ने 2013-14 से अब तक की असेसमेंट में पकड़ी गई चोरी पर ट्रेडर के खिलाफ 19.89 करोड़ रुपये देनदारी निकाली है। विभाग ने व्यापारी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है और राजस्थान में उसके अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। राजस्थान सरकार को भी वहां के संदिग्ध व्यापारियों और उनके आधिकारिक मददगारों की जानकारी दे दी गई है। उधर इंटरनेट ट्रेड पर लागू वैट फॉम डीएस-2 के खिलाफ खारी बावली में जारी अनिश्चितकालीन ओदोलन 30 सितम्बर को अचानक वापस ले लिया गया कि राना कमेटी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि आंदोलन सिर्फ एक हफ्ते के लिए टाला गया है।

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