काला धन बढ़ाता है ज्वैलरी कारोबार

नई दिल्ली : सोने और हीरे के जेवरातों पर फिर से एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने के खिलाफ ज्वैलर्स की जारी हड़ताल के बीच सीबीईसी के एक बयान से नया विवाद खड़ा हो सकता है।
केंद्रीय उत्पाद एंव सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के चेयरमैन नजीब साहब ने कहा कि ज्वैलरी सैक्टर काले धन को बढ़ावा देता है। इसे टैक्स के दायरे में लाने की जरूरत है। उद्योग चैंबर एसोचैम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शाह बोले कि ज्वैलरी सेक्टर को कर के दायरे में लाया गया है। दो साल पहले भी ऐसी कोशिश हुई थी, लेकिन इसे वापस ले लिया गया था। इस क्षेत्र में काफी बेहिसाब दौलत है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बजट में ज्वैलरी पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है।
सोने और हीरे के जेवरातों पर शुल्क को फिर से लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ ज्वैलर्स तीन दिन की हड़ताल पर हैं। वे दो लाख और इससे अधिक ट्रांजेक्शन पर पैन की अनिवार्यता के भी विरोध में हैं। शाह ने कहा कि जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग संक्टर का 17 फीसद योगदान है। उद्योग का बड़ा हिस्सा टैक्स के दायरे से बाहर है।
सौजन्य से- दैनिक जागरण

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