सेंट्रल एक्साइज का सुगंध कारोबारी की नौ फैक्ट्री व ऑफिस में छापा

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कानपुर : महानगर के प्रमुख सुगंध कारोबारी की नगर में फैक्ट्रियों व आफिस के अलावा कन्नौज की तीन फैक्ट्रियों सहित नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई। डाइरेक्टर जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई)

की टीमों ने एक साथ छापा मार भारी मात्रा में सेंट्रल एक्साइज की चोरी का मामला पकड़ा। कारोबारी ने अपने को बीमार बता कर बचने की कोशिश की, जबकि उनके दो लड़कों में से एक मुंबई निकल गया। वहीं दूसरे की सूचनाओं के आधार पर फैक्ट्री और आफिस से मिली 90 लाख रुपये की नकदी सीज कर दी।

डीजीसीईआई के अपर महानिदेशक राजेन्द्र सिंह के निर्देश पर कानपुर इकाई के उप निदेशक शलभ कटियार की अगुवाई में हरबंश मोहाल, सीताराम मोहाल, केनाल रोड आदि क्षेत्रों में फैक्ट्रियों और दो ऑफिसों में टीमों ने छापा मारा। सघन आबादी वाले क्षेत्रों में शुक्रवार से ही जांच शुरु हुई। टीम के लोग पूछताछ कर ही रहे थे तभी जानकारी मिली कि मुख्य कारोबारी कैंसर से पीड़ित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। कारोबारी का एक लड़के ने जांच में सहयोग शुरु किया किंतु मुख्य रूप से कारोबार देखने वाले लड़के के बारे में बताया गया कि वह मुंबई गया है। जबकि उसके मोबाइल की लोकेशन दिल्ली की निकली।

जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि कन्नौज में वह अपने ब्रांड के नाम से इत्र और सुगंध आदि का निर्माण कराते थे। कचहरी टोला स्थित आवास और उसी परिसर में फैक्ट्री के अलावा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री में भी छापा मारा गया। वैसे तो वहां की फैक्ट्री किसी अन्य कारोबारी के नाम से है किंतु वहां भी कानपुर के कारोबारी का माल बनता था। इसी कच्चे माल से नगर के कारखानों में पान मसाला में लगने वाले कंपाउंड को मशीनों से तैयार कर विभिन्न पान मसाला निर्माताओं को बेचते थे। निर्माण करने के बाद भी वह कागजों में इत्र सुगंध और कंपाउंड की ट्रेडिंग दिखा रहे थे। कन्नौज से मंगाए गए कच्चे माल सहित मशीनों को सील कर दिया गया है। वहां के कच्चे माल और तैयार माल के सेंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कारोबारी के यहां किसी भी चीज का हिसाब किताब नहीं मिला और न ही कोई अकाउंटिंग की गई थी। सारा काम पर्चियों पर होता था और भुगतान प्राप्त होते ही पर्चियां फाड़ दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि कारोबारी के यहां मिली पर्चियों, कच्चे और तैयार माल तथा मशीनों के आधार पर कर चोरी का आंकलन किया जा रहा है। जांच में पीके त्रिपाठी, पीके चौबे, अतुल भगोलीवाल, पंकज अवस्थी, मनीष तिवारी, अजय भसीन, कृतेश पंडित, आशाराम आदि मौजूद रहे।

सौजन्य  से : दैनिक  जागरण

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