2 करोड़ तक की सव्रिस टैक्स चोरी पर गिरफ्तारी नहीं होगी : सरकार

नई दिल्ली : फाइनेंस मिनिस्ट्री ने सर्विस टैक्स चोरी करने वालो की गिरफ्तारी के लिए चोरी की जाने वाली टैक्स की रकम की लिमिट को 100 पर्सेंट बढ़ाकर दो करोड़ रूपये तक करने का प्रपोजल दिया है। अभी एक करोड़ रूपये तक की सर्विस टैक्स की चोरी करने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है। फाइनेंस मिनिस्टर अरूण जेटली ने संसद में पेश किये गए फाइनेंस बिल 2016 के जरिए यह बदलाव करने का प्रपोजल दिया है।
सर्विस टैक्स कानून के तहत गिरफ्तारी करने कि शक्ति केवल उन्हीं स्थितियों तक सीमित करने का प्रपोजल है, जहां टैक्सपेयर ने टैक्स एकत्र किया हो और उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया हो और एकत्र किए गए, लेकिन चुकाए नहीं गए सर्विस टैक्स की चोरी दो करोड़ से अधिक हो। संसद ने फाइनेंस बिल पास होने के बाद नया प्रपोजल लागू हो जाएगा।
इसमें कहा गया है कि सजा वाले अपराधों के लिए शिकायतें दाखिल करने के लिए मॉनेटरी लिमिट को बढ़ाकर दो करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव दिया जाता है। सर्विस टैक्स चोरी करने वालों को गिरफ्तार करने की शक्ति 2013 में दी गई थी। इससे पहले रेवेन्यू अथॉरिटीज के पास एकत्र किए गए सर्विस टैक्स का सरकार को भुगतान नहीं करने वालों को गिरफ्तार करने की कोई शक्ति नहीं थी।
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने उस समय सर्विस टैक्स रूल्स में संशोधन कर गिरफ्तारी की शक्ति देने का प्रावधान शामिल किया था। फाइनेंस एक्ट, 2013 के अनुसार, 50 लाख रूपये के अधिक की रकम के अपराध के संबंध में सात वर्ष तक के कैद की सजा हो सकती है।
सर्विस टैक्स की चोरी करने वालों की गिरफ्तारी के लिए मॉनेटरी लिमिट को पिछले वर्ष बढ़ाकर एक करोड़ रूपये किया गया था और अब इसे दो करोड़ रूपये करने का प्रपोजल है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया गिरफ्तारी और कानूनी मामला चलाने के लिए मॉनेटरी लिमिट को बढ़ाने के पीछे यह सुनिश्चित करने का मकसद है कि इन शक्तियों का इस्तेमाल छोटे और मझोले कारोबारियों के खिलाफ न किया जाए। इसके अलावा सरकार इसके जरिए टैक्सपेयर्स के लिए मददगार माहौल भी बनाना चाहती है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री के लिए सर्विस टैक्स एक फोकस एरिया बन गया है। 2015 के बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने सर्विस टैक्स रेट को 12.36 पर्सेंट से बढ़ाकर 14 पर्सेंट कर दिया था।
इसके बाद पिछले वर्ष 15 नवम्बर को सर्विस टैक्स में 0.5 पर्सेंट का स्वच्छ भारत सेस जोड़ा गया था। अब बजट में 14.5 पर्सेंट के सर्विस टैक्स को 0.5 पर्सेंट बढाने का प्रपोजल दिया गया है। इसके लिए सर्विस टैक्स में 0.5 पसेट का कृषि कल्याण सेस जोड़ा जाएगा। 15 पर्सेंट के सर्विस टैक्स का नया रेट एक जून, 2016 से लागू होना है।
सौजन्य से- इकॉनोमिक टाइम्स

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