1100 किलो सोना बगैर कस्टम ड्यूटी अदा किए लाया गया

Related imageनई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक के 11 हजार करोड़ रुपये लेकर भागे नीरव मोदी के रिश्तेदार भी गुल खिलाते रहे हैं। उसका मामा मेहुल चैकसी सोनी की तस्करी में संलिप्त रहा है।
हालांकि कस्टम विभाग को उसकी करतूत का पता चल गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2012 में उसके खिलाफ आयकर विभाग ने जांच शुरू की थी पर मेहुल चैकसी भागा तो पकड़ में नहीं आया।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन एस रॉय का कहना है कि उसने कुछ आरटीआइ लगाई थीं जिनके जवाब में पता चला कि चैकसी की कंपनियां अवैध तौर पर सोना भारत में ला रही थीं। कस्टम विभाग से पता चला कि चैकसी की कंपनियां गीतांजलि प्रा. लि. 750 किलो गीतांजलि ज्वैलरी लि. 171 किलो गिली इंडिया लि. 182 व 134 किलो सोना भारत में लेकर आईं।
इसकी एवज में कस्टम विभाग को एक पैसे की ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया। रॉय का कहना है कि उसे यह भी पता चला कि रजिस्ट्रार आॅफ कंपनीज के पास उसकी एक कंपनी गीतांजलि ज्वैलरी लि. दर्ज भी नहीं है। इस कंपनी का कोई भी रिकार्ड उसे नहीं मिल सका। बावजूद इसके यह कंपनी 171 किलो सोना देश में अवैध तौर पर लाने में सफल रही।
रॉय का कहना है कि उन्होंने आयकर विभाग के तत्कालीन महानिदेशक को 16 अगस्त 2012 में शिकायत दी थी। उसने मामले में कार्रवाई कराने के लिए काफी मशक्कत की। 2017 में उसने आयकर महानिदेशक मुंबई बी डी विश्नोई से संपर्क साधा। उन्होंने सहयोग किया और कहा कि मामले में संबंधित प्रधान निदेशक पीएस पेनिया से संपर्क करें। पेनिया ने उनसे कहा कि वह वित्त मंत्रालय की स्थानीय यूनिट के संपर्क में रहें। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर वह लगातार कोशिशें करता रहा लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी।
कस्टम विभाग के अधिकारी केवल यह कहकर अपना पल्ला झाड़ते रहे कि चैकसी की कंपनी पंजीकृत थी या नहीं इससे उन्हें कई वास्ता नहीं है। उनका मकसद केवल कस्टम ड्यूटी एकत्र करना होता है। रॉय का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता कि चैकसी ने जो सोना मंगवाया था वह आयकर विभाग की निगाहों में था भी या नहीं। रॉय का यह भी कहना है कि आरटीआइ के जवाब में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली हैं।
भारत की तीन दर्जन कंपनियों ने 75 टन सोने का आयात किया पर कस्टम ड्यूटी अदा नहीं की।

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