हर शाख पर उल्लू का पट्ठा बैठा हे अंजामें गुलिस्तां क्या होगा

आज का सम्पादकीय लिखते हुए मन बहुत दु:खी है। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री देश की बिगड़ी हुई लाईन को सीधा करने में लगे है और दूसरी तरफ देश के भ्रष्ट अफसर लूट मचाने में लगे है। अगर कोई कहता है कि मोदी जी ने अघोषित आपातकालीन लगा रखी हे तो इस बात से खुश हूं। इतना ज्यादा बिगड़ा हुआ सिस्टम मीठी दवाई से ठीक तो नहीं हो सकता कड़वी दवाई देनी पड़ेगी। सुभाष चन्द्र बोस की अगर पहले ही बात मान ली जाती और 20 साल तक देश को डंडे के नीचे रखा जाता तो देश के लोग आज सुधरे हुए नजर आते। आज के लोगो के ब्लड़ तक में पहुंच चुकी है बुराईयां जो डंडे से ही जायेगी। हर दूसरा आदमी बेईमानी में डुबा हुआ है। कोई मिलावटी सामान बेच रहा है, कोई नकली सामान बना रहा है। सुई से लेकर हवाई जहाज तक के सामान में मिलावट हैं। आज अगर हम नहीं सुधरे तो देश में विदेशी राज की तैयारी समझो। चीन भी समझ चुका है की भारत के लोग खोखले हो चुके है। सब कुछ नकली खाते है नकली पहनते है बस हवा में रहते है फुकरे लोग है। अफसर तथा नेता सब बिकाऊ है देश भक्ति सब मिट्टी हो चुकी है। युवा पीढ़ी मतलबी और निक्कमी हो चुकी है बड़ो से कोई सीखना नहीं चाहता। चरित्रहीन हो चुकी है हिन्दुस्तान की जनता। नेताओं के चरित्र देखो लालू, मुलायम, मायावती ये सब हमारे देश का भविष्य क्या बनायेंगे। जिनके अपने चरित्र पर हजारों दाग है। जो अपने बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं दे सके वह देश की जनता को क्या सिखायेंगे।

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