सोने की तस्करी का गढ़ बना अहमदाबाद एयरपोर्ट

अहमदाबाद : पीएम मोदी के राज्य गुजरात स्थित अहमदाबाद एयरपोर्ट सोने की तस्करी करने वालों के लिए पसंदीदा एंट्री पॉइंट बन चुका है। तस्करों ने इस एयरपोर्ट का रुख तब किया जब केंद्र की मोदी सरकार ने सोने के आयात पर कस्टम्स डूटी बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी।
2012 और 2013 में तस्करी के 10 मामले 2014 और 2015 में बढ़कर 88 तक पहुंच गए। मतलब, दो सालों में तस्करी के मामले में आठ गुना इजाफा। 2012 में अधिकारियों ने यहां 5.38 करोड़ कीमत का 15.7 किलो सोना जब्त किया था जबकि 2014-15 में यही आंकड़ा बढ़कर 104.38 किलो पहुंच गया।
2014-15 में जब्त सोने की कीमत 28.59 करोड़ रुपये आंकी गई। जून 2013 में गोल्ड इंपोर्ट्स पर प्रतिबंध लागू हुआ था, लेकिन हैरत की बात है कि अगले दो सालों में तस्करी के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई। पकड़े गए ज्यादातर स्मगलर दुबई, शारजाह और अबू धाबी जैसे मिडल ईस्ट के अलग-अलग जगहों के थे। एक कस्टम्स ऑफिसर ने बताया, भारत और मिडल ईस्ट में सोने की कीमत में 1.5 लाख से 2 लाख रुपये का अंतर होने की वजह से यहां तस्करी ज्यादा होती है। उन्होंने कहा, दिल्ली, मुंबई और चेन्नै जैसे मेट्रोज के एयरपोटो पर हमेशा हाइ सिक्यॉरिटी होती है। इसलिए, तस्कर अहमदाबाद एयरपोर्ट का विकल्प इस उम्मीद में चुनते हैं कि यहां वे गहन सुरक्षा जांच से बच जाएंगे। जहां स्मगलरों के पकड़े जाने के मामले बढ़े हैं, उनमें अहमबाद और जयपुर के अलावा दूसरे कई एयरपोर्ट्स हैं। तस्करी को मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए कस्टम्स डिपार्टमेंट ने अगस्त 2014 में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट गठित कर दी और स्मगलिंग पर नजर रखने के लिए 20 अन्य कस्टम्स ऑफिसरों को तैनात कर दिया गया।

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