सीतारमण बोलीं- मेरे दफ्तर को छोड़कर हर जगह है GST दरों में वृद्धि पर चर्चा

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए जीएसटी (GST) दरों में वृद्धि को लेकर चर्चा मेरे दफ्तर को छोड़कर हर जगह है। उन्होंने जीएसटी दरों में वृद्धि से इनकार नहीं किया और कहा कि उनके मंत्रालय को इस पर अभी गौर करना है। जीएसटी परिषद (GST Council) की बैठक से पहले उन्होंने यह बात कही।

 

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वह राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत जीएसटी दरों में वृद्धि की चर्चा के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं। वित्त मंत्री निर्मला ने यह बात शुक्रवार को दिल्ली (Delhi) के नेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। सीतारमण ने कहा कि प्याज (Onion) की कीमतों में गिरावट का रुख बनने लगा है और केंद्र सरकार (Central Government) जल्द से जल्द उत्पाद को बाजार में लाने के लिए कदम उठा रही है।

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दिखने लगा है आर्थिक सुधारों का असर
सीतारमण ने कहा है कि सभी सरकारी कंपनियों का बकाया चुकाने पर जोर दिया गया है। निवेश बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट टैक्स (Corporate Tax) में कटौती की गई। वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि अर्थव्यवस्था (Economy) में सुधार के लिए सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनके नतीजे दिखने शुरू हो गए हैं। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और मुख्य आर्थिक सलाहकार केआर सुब्रमण्यम भी मौजूद थे।

भारत में ग्राहक तक माल पहुंचाने की लागत काफी ज्यादा: सोम प्रकाश
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश (Som Parkash) ने कहा है कि भारत में लॉजिस्टिक (माल को ग्राहकों तक पहुंचाने के उपक्रम) की लागत वैश्विक मानकों की तुलना में 30-40 प्रतिशत अधिक है और इसमें कमी लाना एक बड़ी चुनौती है। दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी लॉजिक्स इंडिया 2019 का उद्घाटन करते हुए सोम प्रकाश ने लॉजिस्टिक्स को किसी भी व्यापार और उद्योग की रीढ़ बताया। उन्होंने अगले 5 वर्षों में लॉजिस्टिक्स के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की सरकार की योजना का उल्लेख किया।

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सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए मांग बढ़ाने पर दे रही ध्यान: सुब्रह्मण्यम
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम (Krishnamurthy Subramanian) ने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए खपत बढ़ाने के उपायों पर गौर कर रही है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को 6 साल की निम्न आर्थिक वृद्धि से ऊपर लाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्यौरा दिया जिसमें कंपनियों के रिटर्न को बेहतर करने के लिए कंपनी करों में कटौती शामिल हैं।

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उन्होंने कहा कि खुदरा कर्ज को बढ़ावा देने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों के लिए 4.47 लाख करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। आंशिक ऋण गारंटी योजना के तहत 7,657 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने के साथ रियल्टी क्षेत्र को वित्त पोषण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही बैंकों ने 2.2 लाख करोड़ रुपए में कंपनियों और  72,985 करोड़ रुपए छोटे उद्योगों को वितरित किए है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 60,314 करोड़ रुपए की पूंजी डाली गई है।

 

सौजन्य से: नवोदय टाइम्स

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