सिलेसिलाए परिधान का निर्यात जांच के घेरे में

नई दिल्ली : सिलेसिलाए परिधानों का निर्यात केंद्रीय राजस्व खुफिया विभाग के अधिकारियों की जांच के घेरे में आ गया है। निर्यातित सामान के विनिर्माण में खर्च हुए कर को वापस लेने (रिइम्बर्सद्) करने की सरकार की सुविधा के दुरुपयोग के मद्देनजर यह जांच हो रही है। परंपरागत रूप से सिलेसिलाए परिधानों पर कर चोरी की संभावना कम होती है।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ सिलेसिलाए परिधानों के निर्यातकों द्वारा कथित तौर पर सरकार की ड्यूटी ड्रॉबैक योजना का दुरपयोग करने के मामले सामने आए हैं।
ड्यूटी ड्रॉबैक योजना का मकसद निर्यातित सामान के विनिर्माण पर खर्च हुए सभी करों की भरपाई करना हैए जिससे निर्यात को प्रोत्साहन दिया जा सके। निर्यातक इस योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं क्योंकि निर्यात किए गए रेडिमेड गारमेंट का बाजार मूल्य निकालने में मुश्किल आती है।

सूत्रों ने कहा कि कोई निर्यात कम गुणवत्ता वाले सिलेसिलाए परिधान के लिए ऊंची कीमत बताकर अधिक रिइम्बर्समेंट ले सकता है।

स्रोतः प्रभासाक्षी

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