सर्विस टैक्स के दायरे में ही रहेगा स्वच्छ भारत सेस

नई दिल्ली : सरकार ने सर्विस टैक्स के साथ हाल ही में स्वच्छ भारत सेस लगाया है, वह सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर वाली या नेगेटिव लिस्ट वाली सर्विस पर लागू नहीं होगा। सेंट्रल बॉर्ड ऑफ एक्साइज एण्ड कस्टम्स ने सर्विस से सम्बन्धित आम सवालों के (एफ.ए.क्यू.) के तौर पर क्लैरीफिकेशन का डिटेल सेट जारी किया है। इस सेस का प्रपोजल 2015-16 के बजट मे ही दिया गया था, लेकिन इसको लागू 15 नवंबर से किया गया है।
फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट भाषण में कहा था, ‘जरुरत पड़ने पर कुछ या सभी सर्विसेज पर 2 पसेट या कम का स्वच्छ भारत सेस लगाने का प्रस्ताव किया जाता है। सेस नोटिफिकेशन की तारीख से लागू होगा। सेस की रकम का इस्तेमाल स्वच्छ भारत अभियान को फंड़ मुहैया कराने और बढ़ावा देने में किया जाएगा।’
सरकार को संसद से 2 पसेट तक का सेस लगाने की इजाजत मिली हुई है लेकिन उसने नोटिफिकेशन सिर्फ आधा पसेट का जारी किया है। एक सरकारी अफसर ने कहा कि सेस का नोटिफिकेशन संसद की मंजूरी मिलने के पांच महीने बाद नवंबर में जारी किया गया। ऐसा सेस के लिए इंडस्ट्री को पूरी तरह से तैयार होने के मकसद से किया गया। उन्होंने कहा कि रेट कम इसलिए रखा गया है कि आम आदमी पर ज्यादा बोझ नहीं पड़े। सरकार ने 6 नवंबर को सभी टैक्सेबल सर्विसेज पर 0.5 पसेट की दर से स्वच्छ भारत सेस लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया, जो 15 नवंबर से प्रभावी हुआ। अब स्वच्छ भारत सेस सहित कुल सर्विस टैक्स 14.5 पसेट हो गया है। मतलब हर 100 रुपये की टैक्सेबल सर्विस पर 50 पैसे का सेस होगा। सेस की रकम खासतौर पर स्वच्छ भारत अभियान पर खर्च होगी। सरकार का यह भी मानना है कि यह सेस जी.एस.टी. व्यवस्था लागू होने के बाद सर्विस टैक्स रेट में अचानक तेज उछाल के लिए एक आधार बनाने का काम कर सकता है। जी.एस.टी. से आमतौर पर टैक्सेशन रेट में कमी आएगी, लेकिन सर्विसेज पर लगने वाले टैक्स में उछाल आएगा। सेस सर्विस टैक्स से अलग लगेगा, अलग से वसूल किया जाएगा और जमा भी अलग से होगा। मतलब यह सेस इनवॉयस पर अलग से चार्ज किया जाएगा, बही खाते में अलग से दिखाया जाएगा और अलग एकाउंटिंग कोड के तहत चुकाया जाएगा, जिसका नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा।
मिसाल के लिए, अगर रेस्टोरेंट या मेस में फूड या बेवरेज सर्व किया जाता है और उसमें किसी भी सेक्शन में एसी या सेंट्रल हीटिंग फैसिलिटी है तो सेस कुल रकम के 40 पसेट के 0.5 पसेट यानी 0.2 पसेट के बराबर होगा। एफ.ए.क्यू. के मुताबिक, सर्विस टैक्स और स्वच्छ भारत सेस की देनदारी कुल रकम के 40 पसेट पर (14 प्रतिशत सर्विस टैक्स +0.5 प्रतिशत सेस) होगी और यह कुल चाच्‍​र्ड रकम के 5.8 प्रतिशत के बराबर होगी।
सौजन्य से : इकॉनोमिक टाइम्स

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