सर्विस टैक्स, एक्साइज टैक्स चोरों पर PMLA करेगा कार्रवाई

नई दिल्ली : सरकार टैक्स चोरी करने वालों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा चला सकती है। काले धन पर अंकुश लगाने के कदमों के तहत ऐसा किया जा सकता है। साथ ही, विदेशी बैंक खातों और विदेश में संपत्ति के बारे में जानकारी न देने को क्रिमिनल ऑफेंस बनाया जा सकता है। यह जानकारी उन लोगों ने दी है, जिन्हें टैक्स अथॉरिटीज और फाइनेंस मिनिस्ट्री में इस संबंध में बन रही राय के बारे में बताया गया था।
विचार-विमर्श की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि 50 लाख रुपये से ज्यादा का इनकम टैक्स न चुकाने पर एंटी-मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत मुकदमा चलाने का प्रावधान बनाया जा सकता है। फिलहाल इनकम टैक्स न देना कंपाउंडेबल ऑफेंस है यानी आरोपी जुर्माना चुकाकर इस संबंध में कार्यवाही खत्म करा सकता है।
सर्विस टैक्स और एक्साइज टैक्स न चुकाना फिलहाल क्रिमिनल ऑफेंस है, लेकिन ऐसी हरकतों को उन गतिविधियों की लिस्ट में डाला जा सकता है, जिन पर पीएमएलए लागू होता है।
डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े मामलों की शीर्ष संस्थाओं सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज और सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स ने अपराधों की लिस्ट बनाने और वह सीमा तय करने के लिए शुरुआती चर्चा की है, जिससे ज्यादा टैक्स चोरी होने पर पीएमएलए लागू किया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ कदमों का ऐलान आगामी आम बजट में किया जा सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय इस बात पर विस्तार से गौर करने के बाद ही किया जाएगा कि इनवेस्टमेंट के पहले से कमजोर माहौल पर ऐसे कदमों का क्या असर पड़ सकता है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक ऑफिशियल ने कहा, ‘हम गौर कर रहे हैं कि ऐसे अपराधों में पीएमएलए लागू करने के लिए रकम की क्या सीमा होनी चाहिए।’
केपीएमजी के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, ‘कर चोरी को मुकदमे लायक अपराध की श्रेणी में डालना सिद्धांत रूप से अच्छा है, लेकिन यह देखा जाना चाहिए कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग न हो।
स्रोत : इकनॉमिक टाइम्स 

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