वित्त मंत्रालय का कस्टम विभाग साक्षात्कार को खत्म करने के लिए तैयार नहीं

नई दिल्ली । सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए साक्षात्कार को खत्म करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम लगता है। PMO के ठीक सामने स्थित वित्त मंत्रालय के कस्टम विभाग को रास नहीं आ रही है।जहां तमाम विभागों ने Group D, C और B के अराजपत्रित पदों पर होने वाली भर्तियों में साक्षात्कार को पूरी तरह खत्म कर दिया है, वहीं वित्त मंत्रालय के तहत अप्रत्यक्ष कर और कस्टम विभाग साक्षात्कार को खत्म करने के लिए कतई तैयार नहीं है।

दरअसल कस्टम विभाग द्वारा विदेश से आयात होने वाले सामान की कागजी कार्रवाई करने के लिए कस्टम एजेंट नियुक्त किये जाते हैं। इसके लिए नेशनल अकादमी ऑफ कस्टम्स, इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड नारकोटिक्स (NACIN) द्वारा ऑनलाइन परीक्षा ली जाती है। लेकिन कस्टम एजेंट बनने के लिए लिखित परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू भी पास करना अभी अनिवार्य है।

साक्षात्कार में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए लंबे समय से इसे खत्म करने की मांग की जा रही है। साक्षात्कार के औचित्य को लेकर उच्च स्तर तक कई शिकायतें भी हो चुकी हैं। लेकिन विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने 2015 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से अपने भाषण में निचले स्तर पर नियुक्तियों में साक्षात्कार लिये जाने पर सवाल उठाया था और उसे खत्म किये जाने की जरूरत बतायी थी। इसके बाद उसी साल 25 सितंबर को ‘मन की बात’ करते हुए उन्होंने एक जनवरी 2016 से Group D, C और B के अराजपत्रित कर्मचारियों की नियुक्ति में साक्षात्कार पूरी तरह खत्म किये जाने का एलान किया था।

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