लोकल मैन्युफैक्चरर्स को बड़ी इंसेंटिव छूट

नई दिल्ली : सरकार ने लोकल मैन्युफैक्चरर्स के लिए उस महत्वपूर्ण टैरिफ के फायदे को बहाल कर दिया है जिसे सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद वापस ले लिया गया था। इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कैम्पेन को बढ़ावा मिलेगा।
मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर्स के साथ ही कोल प्रोड्यूसर्स जैसे अन्य कारोबारियों को भी इसे इंसेंटिव से फायदा मिलेगा।

pcb-for-mobile-chargers-ac-and-dc-500x500
सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टमर्स ने कहा है कि भारत में गुड्स की मैन्युफैक्चरिंग करने वाले केवल उन लोगों को दो पर्सेंट की छूट वाली ड्यूटी का फायदा मिलेगा जो इनपुट पर टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं ले रहे। यह फायदा इम्पोर्टर्स को नहीं मिलेगा और उन्हें 12.5 पर्सेंट की काउंटरवेलिंग ड्यूटी चुकानी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने केमिकल-बेस्ड इंटरमीडिएट्स की मैन्युफैक्चरर एसआरएफ लिमिटेड से जुड़े एक मामले में फैसला दिया था कि अगर इम्पोर्टर्स टैक्स क्रेडिट नहीं लेते तो उन्हें कम ड्यूटी का फायदा मिल सकता है।
हालांकि, सरकार के इस कदम से इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स के साथ देश में मोबाइल फोन असेंबल करने वाले मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा फायदा नहीं होगा। कंसल्टेंसी फर्म ईवाई के पार्टनर बिपिन सपरा ने बताया, ‘मोबाइल फोन्स के मामले में फाइनल प्रॉडक्ट्स पर छूट वाले रेट का फायदा लेने के लिए इनपुट्स पर उपयुक्त ड्यूटी चुकानी होगी। केवल पार्ट्स की असेंबलिंग से फायदा नहीं मिलेगा।’
देश में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स के मार्केट की इम्पोर्ट पर बड़ी निर्भरता के मद्देनजर सरकार इस सेक्टर में डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर्स को प्रोत्साहन देने की कोशिश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2015 में देश में 37 अरब डॉलर के टेलीकॉम इंस्ट्रूमेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स और कंपोनेंट्स का इम्पोर्ट हुआ। यह आंकड़ा इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 14 पर्सेंट ज्यादा है।
अगर मोबाइल फोन्स के इनपुट्स पर कोई सेंट्रल वैल्यू एडेड टैक्स (सेनवैट) क्रेडिट क्लेम नहीं किया जाता तो इन पर एक पर्सेंट की एक्साइज ड्यूटी और एक पर्सेंट की नेशनल कैलामिटी एंड कंटिनजेंसी ड्यूटी लगती है। इम्पोर्टेड डिवाइसेज पर 12.5 पर्सेंट काउंटरवेलिंग ड्यूटी चुकानी होती है। इससे लोकल मैन्युफैक्चरर्स को 10.5 पर्सेंट का टैरिफ में फायदा मिलता है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एसआरएफ के मामले में कहा था कि इम्पोर्टर्स अगर सेनवैट क्रेडिट का लाभ नहीं लेते तो वे केवल दो पर्सेंट ड्यूटी चुकाएंगे। इससे इम्पोर्टर्स को मिलने वाला फायदा लोकल मैन्युफैक्चरर्स के बराबर हो गया था। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है, लेकिन स्थिति की आपात जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है जो भविष्य के लिए लागू होगा। मार्च से जुलाई तक की अवधि के लिए उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम को मजबूती मिलेगी।
केपीएमजी के पार्टनर प्रतीक जैन के मुताबिक, ‘सरकार ने कई एक्साइज नोटिफिकेशंस में संशोधन कर डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर्स को ड्यूटी में राहत देने की कोशिश की है और इससे मोबाइल फोन, टेक्सटाइल जैसे प्रॉडक्ट्स के इम्पोर्ट पर लगाम लगेगी।

स्रोत : ईटी

Leave a Reply

*

You are Visitor Number:- web site traffic statistics