रेस्टोरेंट के ई-कॉमर्स कारोबार पर वाणिज्य कर की नजर

जागरण संवाददाता, उन्नाव : जीएसटी के तहत ई-कॉमर्स के जरिये अपना कारोबार चमकाने वाले छोटे कारोबारियों को वाणिज्य कर विभाग ने निशाने पर लिया है। सर्विस टैक्स वसूली को लेकर इनकी थाह ली जाएगी। स्ट्रीट वेंडर्स के साथ ही होम डिलीवरी देने वाले छोटे दुकानदार इस श्रेणी में हैं। जोनल और मुख्यालय के आदेश पर सक्रिय हो चुके अधिकारियों ने जल्द सर्वे करने की बात कही है।

रेस्टोरेंट के ई-कॉमर्स कारोबार पर वाणिज्य कर की नजर

बदलते दौर के साथ ऑनलाइन शॉपिग का क्रेज दिनों दिन बढ़ रहा है। इस ट्रेंड को देखते हुए छोटे व फुटकर दुकानदार अपने व्यापार को बेहतर बनाने में लगे हैं। इसके लिए वह ऑनलाइन सेल माध्यम से जुड़ रहे। ई-कॉमर्स के प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कराके ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा। वाणिज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग ऐसे छोटे व्यापारियों को जल्द ही नोटिस जारी करने जा रहा है। जोनल और मुख्यालय स्तर पर खंडवार सर्वे होंगे। व्यापारियों को जीएसटी के प्रति जागरूक करते हुए रजिस्ट्रेशन कराने को कहा जाएगा। ऐसा न कराने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
खाने से लेकर जरूरत की वस्तु की बिक्री

ई-कॉमर्स एप का इस्तेमाल खाने-पीने की चीज के साथ ही जरूरत की वस्तुओं की बिक्री को लेकर जमकर हो रहा। ऑनलाइन माध्यम से बिक्री लोगों की पहली पसंद है। व्यापारियों को भी इसका खूब फायदा होता है। एप, हेल्पलाइन या फिर सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए छोटे दुकानदार तरह-तरह के जतन कर रहे। वस्तुओं के साथ होम डिलीवरी का प्रचार-प्रसार उनके द्वारा किया जाता है।
डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर (राज्य कर) आशीष निरंजन के अनुसार ई-कॉमर्स ऑपरेटर के जरिए ऑनलाइन डिलीवरी करने पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऐसी फर्म या दुकानदार रजिस्ट्रेशन कराकर विभाग को सूचना नहीं देते हैं तो जीएसटी अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। जीएसटी के प्रति दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है।

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