मुंबई पोर्ट पर लेडिज चप्पल के कंटेनर में 40 किलो सोना पकड़ा गया

  • माफिया नगरी स्मगलरों का गढ़ किंग मेकरों का शहर मुंबई शहर हादसों का शहर है।

मुंबई : पिछले हफ्ते 38 किलो सोने के एक रिकार्ड जब्त कर चुके टीम के दो डिप्टी कमिश्नर और दो अधीक्षकों को तुच्छ पदों पर तब्दील कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि कंटेनर की जांच के दौरान कथित तौर पर विफलताओं के कारण अधिकारियों का स्थानांतरित कर दिया गया था जिसमें सोने की महिलाओं के सैंडल के बीच छुपा हुआ था। अधिकारियों होशांग जल और मनिन्दादास्वामी को डॉक परीक्षा इकाई से अनुबंध सेल और कार्मिक और प्रतिष्ठान विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। अधीक्षक ए के सिंह और दिनेश कुमार को विशेष वैल्यूएशन शाखा और डाक वसूली अनुभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। सीमा शुल्क आयुक्त प्रची सरूप ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 27 सितंबर कोए कंटेनरों में महिला फुटवियरों के बीच छिपे हुए 11.4 करोड़ रुपए के 38 किलो सोने के जब्त किए गए थे। एक डोंगरी स्थित आयातक अल रेहम इंपेक्स ने सामानों को थाईलैंड से लाए गए महिलाओं के बाथरूम चप्पल के रूप में घोषित कर दिया था। माल 21 सितंबर को इंदिरा डॉक्स पर उतरा और कस्टम परीक्षा परीक्षा के लिए परीक्षा शेड में स्थानांतरित कर दिया गया। एक अधिकारी ने कहा कि माल 26 सितंबर को आंशिक रूप से जांच की गई और कंटेनर को शोध किया गया। एक अधिकारी ने कहा यह आॅनलाइन सिस्टम में दर्ज किया गया था। अगले दिनए उन्होंने कंटेनर खोला और 28 किलो सोना मिला। उन्होंने कहा कुछ समय बाद वे लौट गए और 10 किलो मिल गए। इस बीच सीमा शुल्क के एक अन्य यूनिट ने लोडर्स के घरों से अतिरिक्त 2 किग्रा सोने की खरीद की जो माल हटाने में लगे हुए थे। इस बीच दो सहायक आयुक्त . सच्चि पगारे और संतोष सोने को जांच को मजबूत करने के लिए विशेष जांच शाखा एसआईआईबी में शामिल किया गया है। एसआईआईबी तस्करी रैकेट की जांच कर रहा है। इस मामले में आयातक मुश्ताक अबुबैकर और शारदा क्लियरिंग के क्लियरिंग एजेंट रवींद्र हल्दकर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। सीमा शुल्क में हुंडेकर के बयान पर आधारित भाइयोंए जुबरए असलम और इलियास पीरजाडे पर सवाल उठा रहे हैं कि उन्होंने उनकी ओर से सोने का आयात किया था।

मुंबई: समंदर के रास्‍ते आया 38 किलो सोना, 1993 के बाद पहली बार पकड़ी गई इतनी बड़ी खेप

धर्मवीर आनंद
मुंबई: मुंबई शहर जहां के बारे में हमने कई बार लिखा है कि हादसों का शहर है माफियों का शहर है। खास तौर पर यह स्मगलरों का शहर है। बिना शोर शराबे के यहां स्मगलिंग का काम बड़े ही अच्छे ढ़ग से चलता है बिना किसी रोक-टोक के अरबों रुपए के दो नम्बर का धंधा अफसरों की मिली-भगत से चलता रहता है। कानों-कान किसी को हवा भी नहीं लगती। डीआरआई भी एक हद तक काम कर सकती है। (कमजोर आदमी पर तो हर कोई हाथ उठा लेता है- ताकतवर को तो हाथ लगा कर तो दिखाओ) यह कहावत यहा ठीक बैठती है। मुंबई पोर्ट में जो आईटम 8 रुपए की क्लीयर होती है दिल्ली तथा अन्य पोर्ट पर वही आईटम 10 रुपए में क्लीयर होती है। सालों से यह सिस्टम चला आ रहा है वित्त मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री किसी के पास जवाब नहीं है अंग्रेजो का राज आज तक चल रहा है।
यही से लोग अरबपति बनते है। कस्टम अफसरों को भी यहां की पोस्टिंग बहुत भाती है खास तौर पर ईमानदारी के नकाब पोश अफसरों को दिल्ली व अन्य जगहो पर यह ईमानदार बने रहेंगे। मुंबई आते ही इनको पर लग जाते है। लाखों रुपए महीना इकट्ठा होता है इनके लिए माफिया भी कलेक्शन कर के देता है।
हर मलाईदार पोस्टिंग का रेट तय है एक बंधा-बंधाया सिस्टम चल रहा है डिसिप्लेन में रह कर भ्रष्टाचार करना है फालतू का इधर-उधर नहीं झांकना कमाल है यहां का सिस्टम। कौन चला रहा है इस सिस्टम को? कुछ नहीं मालूम पैसा लो और चलते रहो जैसा कहा गया है। एक्सरे मशीने लगी है कंटेनर चैक करने के लिए सब कुछ दिख रहा है मगर ओके लिखने का हिसाब लेते रहो और आंखे बन्द रखो यह नियम है। यहां के सभी पोर्ट पर माफिया सीएचए अपना राज चला रहे है। कोई नया आदमी इस सिस्टम में प्रवेश नहीं कर सकता। सब कुछ फिल्मी अंदाज में चल रहा है। स्मगलरों और माफिया पर कई फिल्में बन चुकी है इसी तरह यह चप्पलों का कंटेनर पकड़ा गया। बहुत सालों बाद शरदा ऐजेंसी ने चप्पलों का कन्साईमेंट मंगाया था। जांच के लिए कंटेनर खोला गया कुछ डिब्बों में सोना पकड़े जाने पर पोर्ट पर हडकंप मच गया। बड़े अफसर भी देखने आए। 28 किलो सोना दिखाया गया तथा 12 किलो सोना जांच के दौरान गलती से छुपा या छुपाया गया मगर इम्पोर्टर के बयान के बाद पता चला कि 40 किलो सोना लाया गया था। कंटेनर को फिर चैक किया गया। 10 किलो सोना फिर मिल गया अब सोना क्यो छुपाया गया फिर कंटेनर में वापस रख दिया गया। 2 किलो सोना कंटेनर खोलने वाले लोडर के यहां मिला थोड़ी सी समझ रखने वाला भी सोचेगा की क्या खेल है। कई अफसरों का तबादला कर दिया गया। ईमानदार चीफ कमिश्नर ने जांच बढ़ा दी है। देखो क्या होता है कहानी तो सभी पाठक समझ गए होंगे मुंबई के कई अखबारों में छपी है यह कहानी फोटो देखे कितने खुश नजर आ रहे है यह अफसर। अमूमन हवाई रास्ते से होने वाली सोने की तस्करी क्या समंदर के रास्ते भी शुरू हो गई है ये सवाल इसलिए उठा है क्योंकि मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने समंदर के रास्ते आए एक जहाज में रखे कंटेनर से 38 किलो सोना बरामद किया है। 90 के दशक के बाद सोने की ये पहली बड़ी खेप है जो समंदर के रास्ते लाई है। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के मुख्य कस्टम आयुक्त राजीव टंडन ने बताया कि सोना बाथरूम में इस्तेमाल होने वाले चप्पलों में खास कैविटी बनाकर उसमें छुपा कर रखे गये थे। तकरीबन 6 लाख कीमत के इन चप्पलों में करीब पौने 12 करोड़ का सोना छुपा कर रखा गया था। शक होने की कई वजहें थी उसमें से एक थाईलैंड से मॉल आने और दूसरी उस आयात एजेंसी का कई सालों के बाद अचानक से सक्रिय होना लिहाजा कंटनेर को विशाल स्कैनर में लाया गया स्कैन करते ही शक पुख्ता हो गया। क्योंकि उसके एक कोने में संदिग्ध वस्तु दिखी जब उसे खोला गया तो चप्पलों में सोने के बार भरे हुए मिले एक चप्पल में एक किलोग्राम सोने का बार कुल 38 सोने के बार बरामद हुए। मुख्य कस्टम आयुक्त राजीव टंडन के मुताबिक 90 के दशक के बाद से ये सोने की अब तक कि सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई है। और वो भी थाईलेंड के रास्ते जो नई बात है। सोने के इस बड़ी तस्करी ने एक बार फिर 1993 को याद दिला दी जब समंदर के रास्ते हथियार आये थे । कस्टम सूत्रों के मुताबिक उसके पहले सोना समंदर के रास्ते आता था। लेकिन उसके बाद से ये पहली बार है जब सोना पकड़ा गया है। इसलिए इस बात की भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें भी अंडरवर्ल्ड का हाथ तो नहीं।

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