बार्डर पार हो रहा ‘जीएसटी’ का व्यापार

जागरण संवाददाता, शामली : जीएसटी लगाकर सरकार ने टैक्स चोरों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया लेकिन हरियाणा के बार्डर पर रोज जीएसटी की बोली लगती है। यहां रोज करोड़ों की टैक्स की चोरी हो रही है लेकिन इसे रोकने का प्रयास नहीं हो रहा है। बार्डर के इस पार और उस पार, रोज एक ¨सडिकेट जीएसटी की चोरी का माल इधर-उधर कर रहा है। रोज सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है। इस मामले में कई व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत की लेकिन ¨सडिकेट से निकटता के कारण अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। ¨सडिकेट के इस खेल को रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।

पूर्व समय में जब जीएसटी नही लगी थी उस समय पड़ोसी राज्य हरियाणा व दिल्ली से सेल टैक्स चोरी कर लाखों-करोंड़ों का माल प्रतिदिन ट्रकों व अन्य वाहनों में जनपद में लाया जाता था। भले ही पूरे देश में जीएसटी कानून एक साथ लागू कर दिया गया हो। बावजूद इसके जीएसटी चोरी कर माल लाने का क्रम अभी भी टूटा नहीं है। हालांकि जीएसटी लगाकर सरकार ने टैक्स की चोरी पर प्रतिबंध लगाने का कारगर प्रयास किया लेकिन टैक्स चोरी करने वाले माफिया सरकार की मंशा को हवा में उड़ा रहे है। पड़ोसी राज्यों से प्रतिदिन टैक्स चोरी कर माल अभी भी लाकर जनपद के बाजार में धड़ल्ले से उतारा जा रहा है। यदि सूत्रों की माने तो टैक्स चोरी के माल की पड़ोसी राज्यों की सीमा पर माफियाओं द्वारा बाकायदा बोली लगायी जाती है और इसके बाद वहां से मिनी ट्रकों में माल को इधर से उधर बे रोक-टोक ले जाया जाता है। दिन निकलते ही शामली के बाजार में यह माल पहुंचाया जाता है। जीएसटी अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा धंधा

पड़ोसी राज्यों की सीमा से जनपद शामली में जीएसटी टैक्स चोरी कर मोटी रकम का माल लाया जा रहा है। इस अवैध धंधे में एक बड़ा ¨सडीकेट काम कर रहा है। इस ¨सडीकेट के हाथ जीएसटी अधिकारियों के साथ मिले हुए है। जिस कारण ¨सडीकेट के किसी भी कदम में सरकारी अड़चने नहीं आती और टैक्स चोरी माल जनपद भर पहुंचता तो है ही, साथ ही खुलेआम बेचा भी जाता है। बचते रहे अधिकारी

बार्डर पार हो रहा 'जीएसटी' का व्यापार

जीएसटी चोरी प्रकरण में बातचीत करने से विभाग के सभी अधिकारी बचते रहे। शामली में सहायक कमिश्नर आशुतोष पाठक यह कहकर पल्ला झाड़ गए कि वह शहर से बाहर है। उधर, अपर आयुक्त सहारनपुर ने भी थोड़ी देर में बात करने का बहाना बनाकर किनारा कर लिया। इन्होंने कहा-]

जनपद में जीएसटी चोरी कर लाए माल को बिना बिल के बेचा जा रहा है। जबकि सरकार के आदेश के अनुसार माल चाहे कम रकम हो या फिर बड़ी रकम का, उसे बिल पर बेचना चाहिए इससे एक तो राजस्व बढ़ेगा और व्यवसाय भी नंबर एक में चलेगा। ऐसा होने से शामली के व्यापारियों का व्यापार भी बढ़ेगा- महेश चंद बंसल, अध्यक्ष शामली डिस्ट्रीब्यूटर एसोशिएशन।

सौजन्य से: जागरण

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