न इज्जत की चिंता, न फिकर कोई अपमान की, जय बोलो बेईमान की

एक गाना है यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का, इस देश का यारों क्या कहना, यह देश है दुनिया का गहना। बात तो बड़ी अच्छी है हमारा देश ऐसा ही था अब भी है मगर यह सब ढूंढना पड़ता है। पहले यह बातें आम देखने को मिलती थी प्यार भाईचारा नि:स्वार्थ सेवा। अब यह ढूंढनी पड़ती हैै हिमालय जाना पड़ता है। यह सब बातें देखने के लिए गांवों में पहुंचना पड़ेगा। मगर जहां-जहां शहरी पहुंच चुके वहां भट्ठा बैठ चुका है। अब हमारे देश की तस्वीर जो ज्यादा नजर आयेगी वह एक स्वार्थी लालची रिश्वत चोर और भी जो बुरी बातें है नजर आयेगी। यहां पर बड़े-बड़े नेता देश सुधारने की बातें करेगे मगर खुद को सुधार लें काफी है यहां हर आदमी एक-दूसरे को ठगने की कोशिश करते नज़र आयेंगे। बिजनेस कम है ठगी ज्यादा है कम्पीटिशन चल रहा है देश को लुटने का। कार बेचने वाले से लेकर पकोड़े बेचने वाला भी हेराफेरी की स्कीम जरुर लड़ायेंगे। गंदा तेल, गंदा बेसन, सड़ी सब्जियां खरीद कर पकोड़े बनायेंगा। यह है हमारा देश यहां कुछ लोगों को छोड़ दिया जाये जोकि 1-2 प्रतिशत ही है जो मर जायेंगे मगर गलत काम नहीं करेंगे। झूठी एमआरपी में सामान बेचा जा रहा है, कोई पूछने वाला नहीं है जितने की मर्जी चीज बेचो।
मैं थोड़ा लाईन से हट गया मैं लिख रहा था कि कस्टम के छापे पूरे देश में पड़ रहे है। स्मगलरों के पकड़े जाने की खबर हर तरफ से आ रही है। कोई चावल, आटो पार्टस, मशीन पार्टस, सोना, सिगरेट और मिस-डिक्लरेशन, कहीं कुछ भी कस्टम में ऐसा नहीं बचा जिसमें हेराफरी न हो रही हो।
अगर इसी तरह देश चलता रहा तो एक दिन सब तबाह हो जाएगा। अभी कुछ प्रतिशत सच्चाई है जिस पर देश चल रहा है। कुछ प्रतिशत लोग सच्चे और ईमानदार है हर काम को करने से पहले सोचेगे कि यह काम देश हित में है, जिस दिन सभी यह सोचना शुरु कर देंगे देश में सुधार आ जायेगा। मिस-डिक्लरेशन, अंडर- वेल्यूएशन फर्जी ड्रॉ-बैक का धंधा आज जोरों पर है भ्रष्ट अफसरों की मदद से धड़ल्ले से हो रहे यह काम। जांच एजेंसियां भी कुछ हद तक जानती है, मगर वह भी वहीं करती है दे ले कर मुंह बंद कर दिया जाता है।

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