नया सेस लगने से 15 प्रतिशत हुआ सर्विस टैक्स, चुनिंदा प्रोडक्ट पर बढ़ी एक्साइज डूटी

नई दिल्ली : आम बजट में इनडायरेक्ट टैक्स में बदलाव से जुड़ी कई घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सर्विस टैक्स पर अतिरिक्त 0.5 फीसदी का एग्रीकल्चर कल्याण सेस लगा दिया है, जिससे सर्विस टैक्स कुल 15 फीसदी हो जाएगा जो अभी तक 14 फीसदी था। इसी प्रकार तंबाकू प्रोडक्ट पर एक्साइज डूटी को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है।
सर्विस टैक्स को 14.5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इस नई दर में एग्रीकल्चर कल्याण सेस को भी शामिल किया गया है। सर्विस टैक्स की यह नई दर नोटिफिकेशन जारी होने के बाद लागू होगी। तब तक पुरानी रेट ही प्रभावी रहेंगी। सरकार के इस कदम रेस्त्रा, मनोरंजन, हवाई यात्रा, माल ढुलाई, पंडाल, इवेंट, कैटरिंग, आईटी, स्पा-सैलून, होटल, बैंकिंग जैसी सेवाएं महंगी हो जाएंगी।
बजट में सभी सर्विसेज पर अतिरिक्त 0.50 फीसदी का एग्रीकल्चर कल्याण सेस को शामिल कर दिया। जेटली ने एग्रीकल्चर और रूरल सेक्टर को डेवलपमेंट को बूस्ट देने के लिए यह यह कदम उठाया है। यह सेस सभी कर योग्य सर्विसेज पर लगेगा।
किन चीजों पर पड़ेगा असर
अब लोगों को छोटी डीजल, सीएनजी कार खरीदना महंगा हो जाएगा। वित्त मंत्राी अरुण जेटली ने बजट 2016-17 में छोटी पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी कार पर 1 फीसदी इंफ्रा सेस और डीजल कार पर 2 फीसदी इंफ्रा सेस लगा दिया है। महंगी गाडि़यों और एसयूवी पर 4 फीसदी इंफ्रा सेस लगाया है। नए फाइनेंशियल ईयर में कार खरीदने पर लोगों को पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे।
तंबाकू पर एक्साइज डूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। पान मसाला, बीड़ी जैसे तंबाकू प्रोडक्ट महंगे हो जाएंगे। अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू पर एक्साइज डूटी 55 फीसदी से 64 फीसदी, गुटखे पर एक्साइज डूटी 70 फीसदी से 81 फीसदी और सिगार पर एक्साइज डूटी 12.5 फीसदी कर दी है।
लक्जरी गुड्स खरीदना महंगा हो जाएगा। सरकार ने बजट में लक्जरी गुड्स पर 1 फीसदी टैक्स लगा दिया है। 1,000 रुपए के ब्रांडेड गारमेंट महंगे हो जाएंगे।
कस्टम डूटी इसके साथ ही कई आइटम्स पर कस्टम डूटी में भी इजाफा किया गया है। कुछ किस्म की डूटी बढ़ाकर नेचुरल लैटेक्स रबड़ को 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी, प्राइमरी एल्युमिनियम और जिंक अलॉयस पर डूटी बढ़ाकर 5 से 7.5 फीसदी, इमीटेशन ज्वैलरी पर 10 से 15 फीसदी, इंडस्ट्रियल सोलर वाटर हीटर 7.5 फीसदी से 10 फीसदी कर दी गई है।

सस्ती हुई वस्तुएं
एल्युमिनियम पर एक्सपोर्ट डूटी 20 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दी है।
पेपर मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले वुड चिप्स पर कस्टम डूटी खत्म कर दी है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्ट को कस्टम और एक्साइज में दी छूट।
शू इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले रबड़ और रेजिन शीट पर एक्साइज डूटी 12.5 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी है।

महंगी हुई वस्तुएं
फाइबर, यार्न पर कस्टम डूटी 2.5 फीसदी से 5 फीसदी कर दी है।
वित्त मंत्री ने कोयले पर डबल क्लीन एनर्जी सेस को 200 रुपए प्रति टन से 400 रुपए प्रति टन कर दिया है।
ज्वैलरी पर एक्साइज डूटी एक फीसदी (सिल्वर और डायमंड ज्वैलरी को रखा बाहर)
1,000 रुपए से अधिक वाले रेडीमेड गारमेंट पर एक्साइज डूटी पर बढ़ाकर 2 फीसदी कर दी है।
कोयला, लिग्नाइट पर क्लीन एनवायरमेंट सेस 200 रुपए प्रति टन से बढ़ाकर 400 रुपए प्रति टन कर दिया है।
विंडमिल के लिए प्रयोग होने वाले अनसैचुरेटेड पॉलिस्टर रेजिन पर एक्साइज 6 फीसदी कर दिया है।
सौजन्य से- दैनिक भास्कर

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