देश में पोर्ट डिवलपमेंट में 1 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत – मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्राी नरेंद्र मोदी ने देश की 7500 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा को ग्रोथ का इंजन बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा की देश पोर्ट डिवलेपमेंट के लिए एक लाख करोड़ रूपये का इंवेस्टमेंट हासिल करना चाहता है। उन्होने ग्लोबल इनवेस्टर्स को इस योजना में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रिात किया।
मोदी ने मुम्बई में पहले मेरिटाईम इंडिया समिट का उद्धाटन करते हुए कहा कि यह समुद्र के रास्ते के जरिये आने और बेहतर करने के लिए यही समय है। उन्होने बताया, हम पोर्ट कैपेसिटी को 2025 तक 140 करोड़ टन से बढ़कर 300 करोड़ टन करना चाहते हैं। हम इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए पोर्ट सेक्टर में एक लाख करोड़ रूपये का इनवेस्टमेंट जुटाना चाहते हैं। मोदी का कहना था कि एक्सपोर्ट इम्पोर्ट टे्रड़ की बढ़ती डिमांड को पुरा करने के लिए देश में पांच नए पोर्ट बनाने की योजना है। ये पोर्ट बहुत से तटीय राज्यों की ओर से डिवलप किए जा रहे हैं।
उन्होने कहा कि शिपिंग सेक्टर एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है। मोदी ने इनवेस्टर्स को कहा कि वे इस सुखद यात्राा और शानदार डेस्टिनेशन को लेकर मौका न चूकें। उनका कहना था, यह समुद्र के रास्ते से आने के लिए बेहतर समय हे। मैं आश्वासन देता हूं कि आपके एक बार यहां पहुंचने पर में खुद आपका हाथ थामंूगा और यह सुनिश्चत करूंगा कि आपकी यात्राा सुरक्षित और संतेाषजनक रहे। मोदी ने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रंद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत के सविधान के आर्किटेक्ट देश की वॉटर और रिवर नेविगेशन पॉलिसी के भी आर्किटेक्ट हैं। शिपिंग सेक्टर के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने बताया कि शिपिंग मिनिस्ट्री मेरिटाइम सेक्टर में इनवेस्टमेंट के मौके वाले लगभग 250 प्रोजेक्ट्स पेश कर रही है। इनमें 12 बड़े पोट्‍​र्स पर कई इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट के मौके, आठ तटीय राज्यों में प्रोजेक्ट्स शमिल हैं। इनमें से 100 से अधिक प्रोडक्ट्स महत्वकांक्षी सबरीमाला कार्यक्रम के तहत हैं।
मोदी का कहना था कि देश में इस सेक्टर में डिवलेपमेंट की अपार संभावनाएं हैं और उनकी सरकार इनवेस्टर्स के लिए बेहतर माहौल तैयार करने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश इस सेक्टर में अपने दम पर मनचाहे नतीजे हासिल नहीं कर सकता और इसके लिए देशों को आपस में सहयोग करने की जरूरत है।

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