दुबई का सोना 100% शुद्ध, इंदौर से 5 हजार रु. तोला सस्ता भी, इसलिए सक्रिय हैं तस्कर, 10 माह में 2.7 करोड़ का सोना पकड़ा

इंदौर (संजय गुप्ता). दुबई-इंदौर की फ्लाइट में बीते दस दिन में  डीआरआई इंदौर ने दो तस्करों से 1100 ग्राम सोना पकड़ा है। वहीं सितंबर में भी साढ़े पांच किलो सोना पकड़ा गया था। इंटेलिजेंस ने इस वित्तीय साल के दस माह में इंदौर एयरपोर्ट से ही अप्रैल से अभी तक 6 किलो 600 ग्राम सोना तस्करों (डीआरआई इंदौर ने रायपुर से भी आठ किलो सोना पकड़ा था) से पकड़ा है, जिसकी कीमत 2 करोड़ 70 लाख रुपए से ज्यादा है।

बढ़ती तस्करी का बड़ा कारण दुबई में मिलने वाला 24 कैरेट शुद्ध और सस्ता सोना और भारत में लगने वाली साढ़े 12 फीसदी की आयात ड्यूटी है। दुबई में सोने की कीमत करीब 36 हजार रुपए प्रति तोला है और इंदौर में यही कीमत करीब 41 हजार रुपए प्रति तोला है। यदि किसी तस्कर ने एक किलो सोने की तस्करी की तो उसे पांच लाख रुपए का मुनाफा हो जाता है। बीते दस माह में डीआरआई ने पूरे देश में 15 से ज्यादा एयरपोर्ट पर 574 करोड़ से अधिक कीमत का 1400 किलो सोना तस्करी का पकड़ा है। सोने की तस्करी की सूचना देने वालों के लिए रिवॉर्ड स्कीम भी है, जो 10 से 20 फीसदी तक हो सकता है।

जांच के लिए स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, 10 का स्टाफ

इंदौर एयरपोर्ट से अभी इंटरनेशनल एक ही फ्लाइट दुबई की है जो 160 यात्रियों की है। सेंट्रल कस्टम विभाग का करीब दस लोगों का स्टाफ इनकी जांच करता है। एयरपोर्ट पर स्कैनर लगा है और मेटल डिटेक्टर भी है। हर लगेज की जांच होती है। जानकारों के अनुसार सभी जगह पर इतनी ही मशीन होती है, इसलिए सुविधा के हिसाब से इंदौर एयरपोर्ट पर जांच संसाधनों की कोई कमी नहीं है। लेकिन जिस तरह से तस्कर सोने की तस्करी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में बिना पुख्ता सूचना के इन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।

जैसे पेट में कैप्सूल के अंदर लाया गया सोना पकड़ में नहीं आता है। जिस तरह से मिक्सर और स्पीकर में मैग्नेट के अंदर सोना लाए, यह भी स्कैनर में पकड़ में नहीं आता है। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि देश में हर साल 30 से 40 हजार करोड़ का सोना स्मगलिंग होकर आ रहा है। अभी जो पकड़ा जा रहा है, वह 10 फीसदी के करीब ही है।

पुरुष 10 ग्राम, महिला 20 ग्राम तक के जेवर पहन सकती है
दुबई या विदेश से कोई भी सोना खरीदकर लाता है तो उसे इंदौर एयरपोर्ट पर बिल दिखाना होगा और इस पर 36% कस्टम ड्यूटी लगेगी। कोई सोने की चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र पहनकर जाता है तो नियम है कि पुरुष 10 ग्राम और महिला 20 ग्राम तक सोने के जेवर पहन सकती है। इन्हें इसका भी एयरपोर्ट पर सर्टिफिकेट लेना चाहिए कि यह पहनकर जा रहे हैं और यह लेकर आएंगे।

कई बार यात्री सोने की चेन आदि वहां से खरीदकर पहनकर आते हैं, लेकिन यह भी टैक्स फ्री नहीं है, केवल पहले से उपयोग कर रहे जेवर को ही साथ में ले जाने और वापस लाने का नियम है, खरीदकर और पहनकर लाने पर भी कस्टम विभाग को पुख्ता हो जाता है कि यह जेवर नया है, तो इस पर ड्यूटी मांग सकता है।
इंदौर-दुबई 25 हजार में आना-जाना
इंदौर में लगातार यह मामले सामने आने का एक बड़ा कारण है कि पहली बार दुबई के लिए सीधी फ्लाइट शुरू हुई है और जिन तस्करों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि एयरपोर्ट पर अधिक खतरा लगता है, वह अब छोटे एयरपोर्ट को चिह्नित कर यहां सोना लाकर इंदौर से दिल्ली, मुंबई ट्रेन या बस के माध्यम से चले जाते हैं। दुबई फ्लाइट का आने-जाने का किराया भी औसतन 25 हजार रुपए का पड़ता है। ऐसे में यदि तस्कर आधा किलो सोना लाता है तो उसे दो लाख रुपए से ज्यादा बच जाते हैं।

सोने की तस्करी रोकने के लिए लगातार यात्रा करने वालों के पासपोर्ट और उसके प्रोफाइल पर नजर रखी जाती है, जैसे कि कोई यदि दिल्ली, मुंबई का है तो वह इंदौर क्यों इस फ्लाइट से आ रहा है? लगातार यात्रा कर रहा है तो ऐसा क्या व्यापार करता है? यात्री सोने का कुछ पहनकर जाता है और वापस आता है तो इस पर भी नजर रखते हैं।

 

सौजन्य से: दैनिक भास्कर

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