दुनियां का सबसे सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बना गोल्ड और ड्रग तस्करी का अड्डा

नई दिल्ली: 25 से 40 मीलियन पैसेंजर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हर साल यात्रा करते हैं और एसीआई जैसी अनेक इंटरनेशनल संस्थाऐं भी इसे दुनियां का नम्बर एक एयरपोर्ट कह चुकी है लेकिन ये एयरपोर्ट गोल्ड़ और ड्रग्स की तस्करी के लिए भी अपनी पहचान बनाता जा रहा है।

 

The IGI airport's Terminal 3 - T3, an integrated terminal for International and Domestic which can handle 34 million passengers annually ahead of the Commonwealth Gamesशायद ही ऐसा कोई दिन हो जब आईजीआई पर कोई गोल्ड या ड्रग्स  तस्कर न पकड़ा जाता हो। कोई गोल्ड या ड्रग्स तस्कर न पकड़ा जाता हो। इस एयरपोर्ट पर तमाम ऐसी तकनीकी मौजूद है जिससे किसी भी तस्कर का बच कर निकलना असंभव है। यह सब समझने के बाद भी तस्कर क्यों इस एयरपोर्ट को तस्करी के रास्ते के रूप में चुनते हैं। आईजीआई को तस्करी का रास्ता चुनने से पहले ऐसी कौन सी उम्मीद है जो तस्करों को इस एयरपोर्ट से लगी रहती है। सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर जितने तस्कर कस्टम या अन्य की पकड़ में आते हैं वह मात्रा एक प्रतिशत होते है जबकि ज्यादातर तस्कर यहां से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। और एक यही बात है जो तस्करों को इस रूट को चुनने के लिए हिम्मत देता हैं।

दो महीने में तस्करी के मामले
2 मार्च, 4.50 किलो सोना , 3 मार्च, 2 किलो सोना , 10 मार्च, 2.5 लाख की मुद्रा, 11 मार्च, 89 लाख का सोना , 16 मार्च, 1 करोड़ की ड्रग्स
16 मार्च, 2 किलो सोना,  17 मार्च, 68 लाख का सोना, 19 मार्च, 54 लाख का सोना, 23 मार्च, 82 लाख का सोना  24 मार्च, 50 करोड़, कोकीन , 26 मार्च, 55 लाख का सोना , 1 अप्रैल, 6.5 करोड़ कोकीन,  6,7 अप्रैल, 2.5 करोड़ सोना  13 अप्रैल, 24 लाख, का सोना 15, अप्रैल, 12 किलो सोना , 20 अप्रैल, 5.5 करोड़, सोना , 20 अप्रैल, 19 किलो ड्रग्स, 23 अप्रैल, 23 किला सोना, 28 अप्रैल, 3 करोड सोना
30 अप्रैल, 59 लाख सोना
हाल ही की एक घटना में चांदनी चैक के कूचा महाजनी की है, एक ज्वैलर्स के पास कस्टम प्रिवेंटिव ने ढ़ाई किलो सोना गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करके पकड़ा, जैसे ही ज्वैलर्स इस गोल्ड़ को भट्टी में गलाने ही वाला था ऐंन वक्त पर कस्टम प्रिवेंटिव के अधिकारी वहां पहुंचे और वह सोना बरामद किया। सोने की जांच करने पर तथा ज्वैलर्स से मिली जानकारी में यह स्पष्ट हुआ कि सोना तस्करी से आया था जिस पर कि विदेशी मुहर लगी थी।
सर्राफा बाजार के सूत्रों का भी मानना है कि बाजार में बड़ी मात्रा में ऐसा सोना मौजूद है जो विदेशी ब्रांड का है और वह संभवतः तस्करी से लाया गया है। यह बात सभी जानते हैं कि ज्यादातर गोल्ड़ हवाई मार्ग से आता है और तस्करी कितनी बडी मात्रा में हो रही है इसका अनुमान इसी घटना से लगाया जा सकता है जब डीआरआई ने एक ऐसा अभियान छेडा जिसमें उसे जाकारी मिली कि एयरकार्गो से आने वाले सामान के साथ बड़ी मात्रा में गोल्ड़ आ रहा है, डीआरआई ने दिल्ली,मुम्बई कोलकाता समेत कई एयरपोर्टो पर अभियान छेडा, उन्हें डीवीडी प्लेर्स मिक्सर ग्रिन्डर, एमरजेन्सी लाईट अैर अन्य घरेलु सामान के साथ 20 घण्ठे के अन्दर 10 करोड़ का 41 किलों सोना बरामद हुआ। वैसे सूत्रों की माने तो आईजीआई एयरपोर्ट कस्टम अफसरों के लिए एक ऐसी जगह मानी जाती है जहां ज्यादातर अफसर आना चाहते है।

जुलाई 2014 की एक घटना में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीबीआई ने यहाँ तैनात कस्टम अधीक्षक अनिल यादव को 18,000 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब गुजरात के एक सिंथेटिक डायमंड इम्पोर्टर (ज्वेलरी अप्रेजर) ने यू.एस पीसी एक्ट के तहत शिकायत की थी कि चीन से उनकी सिंथेटिक डायमंड की खेप आई है जिसको क्लियर करने के बदले में कस्टम अधीक्षक उनसे रिश्वत मांग रहा है।
आईजीआई एयरपोर्ट तस्करी के लिहाज से सबसे बड़ा पाॅइंट बनता जा रहा है फिर भी सरकार इस पर बिलकुल भी संवेदनशील नहीं है। हालाँकि सूत्रा बताते हैं कि आईजीआई एयरपोर्ट पर ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़ी मात्रा में पारदर्शिता नहीं अपनायी जाती है और जिन कस्टम अधिकारियों का रिकाॅर्ड भ्रष्टाचार के मामलों में अधिक रहा है उन्हें ही यहाँ पर तैनाती क्यों मिलती है। एक नजर अगर आईजीआई एयरपोर्ट की तस्करी की घटनाओ पर डाली जाये तो सीआईएसएफ के सराहनीय कार्य को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है यहाँ सीआईएसएफ ने कई ऐसे मामले पकडे जो कस्टम अधिकारियों की पकड़ नहीं आ पाये, वैसे तो जितने तस्कर यहाँ पकडे जाते हैं उससे ज्यादा निकलने में भी कामयाब होते हैं कुछ दिन पहले की एक घटना को ही देख लें जब पुलिस ने ही कस्टम विभाग को हिदायत दे डाली क्राइम ब्रांच द्वारा आइजीआइ एयरपोर्ट के बाहर तस्कर को 6 करोड़ 50 लाख की कोकीन गिरफ्तार कर उसके पास से कोकीन बरामद किए जाने की घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आइजीआइ) न केवल भारत बल्कि विश्व के हाईटेक एयरपोर्ट में एक है। यहां बहुत ही चुस्त सुरक्षा के दावे किए जाते हैं।
बावजूद इसके ब्राजील से दिल्ली आए तस्कर ट्राली बैगों में कोकीन छिपाकर एयरपोर्ट से बाहर निकलने में कामयाब हो गया। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में एयरपोर्ट प्रशासन को पत्रा के जरिए आगाह कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाकचैबंद करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।

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