तुगलकाबाद आईसीडी बाहर शिफ्ट करने से बढ़ेगी इम्पोर्ट की लागत: कॉनकोर 

नई दिल्ली :  तुगलकाबाद इनलैंड कंटेनर सहित सहित देश भर में 60 से ज्यादा डिपो ऑपरेट करने वाली सरकारी कंपनी कंटेनर कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (कॉनकोर) का दावा है कि यह डिपो दिल्ली से बाहर शिफ्ट करने से पॉल्यूशन तो ख़त्म होगा नही उलटे इम्पोर्ट एक्सपोर्ट की लागत और चीज़ों के दाम बढ़ जायेंगे कंपनी के मुताबिक वह कोशिश कर रही है कि यहाँ सिर्फ दिल्ली का माल आये और पडोसी राज्यों का माल दादरी, बहादुरगढ़ और भिवाड़ी डिपो के लिए डाइवर्ट किया जा रहा है।concore

सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय से दिल्ली सीमा से लगे एनसीआर में प्राइवेट कंटेनर डिपो की तादात भी बढ़ रही है और ये कंपनियां अपनी और गुड्स डाइवर्जन के लिए सरकारी डिपो को हटाने में लगी हुई है। कॉनकोर के सीएमडी ऐ. के. गुप्ता ने कहा हम ट्राइब्यूनल की कार्यवाही पर टिप्पणी नही करेंगे और जो भी जवाब माँगा गया है उसे जुलाई में अगली सुनवाई पर दाखिल करेंगे। डिपो को बाहर शिफ्ट करने की कवायद पिछले चार-पांच साल से आ रही है, इस बारे में कई स्तरों पर स्टडी और जाँच होती आई है। हमारा मानना है कि शिफ्टिंग से दिल्ली में ट्रक मूवमेंट घटने के बजाय करीब दो गुना बढ़ जाएगा और यहाँ की इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट लगत भी 10-15 पर्सेंट बढ़ जाएगी।
यह डिपो 60 पर्सेंट इम्पोर्ट गुड्स हैंडल करता है, ऐसे मैं आयातित चीजों के दाम बढ़ जायेंगे। उन्होंने कहा कि तुगलकाबाद डिपो सालाना 4.5 लाख कंटेनर हैंडल करता है। इसमें 2.7 लाख इम्पोर्ट और 1.8 लाख एक्सपोर्ट कंटेनर होते हैं। पहले यहाँ ६ लाख से ज्यादा कंटेनर आते थे, लेकिन पडोसी राज्यों का माल कॉनकोर के ही दादी, बहादुरगढ़ और भिवाड़ी डिपो के डाइवर्ट होने से लोड घटा है। अभी सिर्फ 15 पर्सेंट बाहर के कंटेनर यहाँ आते हैं। यहाँ रोज 10 ट्रेनों में करीब 900 कंटेनर आते हैं। एक कंटेनर में तीन ट्रक माल होता है। अगर डिपो बाहर हो और 700 कंटेनर भी दिल्ली के हों तो करीब 2,000 ट्रक रोज आएंगे जायेंगे। इससे पॉल्यूशन तो बढ़ेगा ही, एंट्री पॉइंट्स पर इम्पोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स को कई जाँच से गुजरना पड़ेगा। इंटरेस्ट टैक्स कंप्लायंस का बोझ भी बढ़ेगा

स्रोत : ईटी

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