तस्करों की जमीनें बेचकर जुर्माने की भरपाई करेगा कस्टम

Image result for gstअमृतसर : पंजाब के सीमांत गावों के दशकों पुराने तस्करों की जमीन अपने नाम करवाने और बाद में इसकी ऑनलाइन नीलामी कर जुर्माना राशि की भरपाई की शुरुआत कस्टम कमिश्नेरट (प्रिवेंटिव) ने शुरू कर दी है। जिला प्रशासन के रैवेन्यू विभाग के साथ मिलकर शुरू किए अभियान में ऐसे तीन तस्करों की जमीनों की पहचान करने का काम शुरू किया गया है और अभी तक तीन तस्करों की जमीनों की पहचान किए जाने के बाद लैंड जिला

प्रशासन से अपने नाम करवाएगा। जमीनों की निशानदेही के बाद संबंधित गांव में इसकी मुनादी करवाते हुए सरपंच को भी इस बाबत सूचित किया जाएगा।

कस्टम सूत्रों के मुताबिक कस्टम विभाग ने पिछले दशकों के दौरान पंजाब के सीमांत गांवों के कई दर्जनों तस्करों को हेरोइन व अन्य नशा तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया। कुछ मामलों में तस्करों को सजा भी हुई और जुर्माना भी। कस्टम विभाग की तरफ से तस्कर को किया गया जुर्माना निर्धारित समय में करना होता है, मगर तस्कर जुर्माना राशि जमा करवाने से कतराते हैं और अंडरग्राउंड हो जाते हैं। एसी सूरत में कस्टम विभाग तस्कर की संपत्ति को अपने नाम ट्रांसफर कर लेता है।

सूत्रों के मुताबिक आला अधिकारियों ने पंजाब के सीमांतों गांवों के पुराने तस्करों की लिस्टें तैयार कर ली हैं। पता लगाना शुरु कर दिया है कि ऐसे तस्कर आजकल कहां-कहां हैं और क्या कर रहे हैं। पिछले कुछ समय के दौरान किए गए इस सर्वे में सामने आया कि कई पुराने तस्करों की मौत हो चुकी है और विभाग को अदा किए जाने वाले जुर्माने की राशि अभी भी लंबित है। कस्टम कमिश्नर दीपक कुमार गुप्ता ने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों

के साथ ऐसे पुराने तस्करों की सूची सांझा करते हुए इनकी जमीनों की पहचान में उनकी (विभाग) की मदद करने को कहा है।

विभाग के एक आला अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अमृतसर और तरनतारन सीमांत जिला में ऐसे तीन तस्करों की पहचान के

बाद उनकी जमीन कानूनी तौर पर कस्टम विभाग के नाम पर करवा ली है। जमीनों को ऑनलाइन बेचे जाने संबंधी गांवों में मुनादी करवा दी गई है और इस संबंधी गांव के सरपंच को जानकारी दे दी गई है और कानूनी प्रक्रिया होने के बाद उक्त तीनों तस्करों की जमीनों की आनलाइन नीलामी कर दी जाएगी और इससे मिलने वाले पैसे को जुर्माने की भरपाई के तौर पर सरकार के पास जमा करवा दिया जाएगा

source by : jagran

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