झारखंड के गुमटीवालों को सिगरेट और तंबाकू के उत्पाद बेचने के लिए पैन नंबर (परमानेंट एकाउंट नंबर), जीएसटी और वेंडर लाइसेंस लेना होगा

  • झारखंड सरकार ने निकाला आदेश, राज्य भर में लागू
  • अधिकृत विक्रेता ही बेच सकेंगे, सिगरेट, तंबाकू उत्पाद
  • सिगरेट बेचनेवाले नहीं बेच सकेंगे टॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स

Image result for gstRanchi: झारखंड के गुमटीवालों को सिगरेट और तंबाकू के उत्पाद बेचने के लिए पैन नंबर (परमानेंट एकाउंट नंबर), जीएसटी और वेंडर लाइसेंस लेना होगा. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देश का अनुपालन करते हुए नयी व्यवस्था लागू कर दी है. नयी व्यवस्था एक महीने के अंदर पूरे राज्य में प्रभावी हो जायेगी.  नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव एके रतन की ओर से जारी अधिसूचना को सभी नगर निगम और स्थानीय निकायों में लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इससे एक मैकेनिज्म विकसित होगी और वेंडर लाइसेंस लेनेवाले अधिकृत गुमटीवालों को सिगरेट बेचने की अनुमति दी जायेगी. अधिकृत गुमटीवालों को खुदरा आधार पर बिड़ी, सिगरेट, गुटका बेचने के लिए पैन नंबर बनवाना होगा. इतना ही नहीं वाणिज्य कर विभाग से टिन नंबर और जीएसटी नंबर भी लेना होगा. साथ ही साथ नगर निगम और निकाय क्षेत्र में सभी गुमटीवालों को म्यूनिशिपल कानून के तहत अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी. सिर्फ गुमटी ही नहीं अधिकृत शॉप, रिटेल आउटलेट, किओस्क और शॉपी को भी इन्हीं प्रक्रियाओं से गुजरना होगा.

सरकार ने कहा है कि जिन अधिकृत गुमटियों में सिगरेट और तंबाकू के उत्पाद मिलेंगे. वहां नये नियमों के अनुसार टॉफी, चिप्स, कैंडीज, बिस्कुट, सॉफ्ट ड्रिंक नहीं बेचे जा सकेंगे. केंद्र सरकार ने इन्हें नन टोबैको उत्पादों की श्रेणी में रखा है. यानी सिगरेट की गुमटी में बिड़ी, चुरूट, गुटका, खैनी और तंबाकू ही मिलेंगे. वहां पर नन टोबैको उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रहेगा. सरकार ने टोबैको और नन टोबैको उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह नजर रखने और नये आदेश का सख्ती से पालन करने का आदेश भी दिया है.

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