जीएसटी रिफंड में बड़ा घोटाला पकड़ा

राजस्व विभाग ने आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जीएसटी रिफंड के दावों में बड़ी धोखाधड़ी का पता लगाया है। एक विश्लेषण में रिफंड का दावा करने वाले 1200 निर्यातक ऐसे निकले जिनका ठिकाना ही नहीं है। इन्होंने कुल मिला कर 350 करोड़ रुपये के जीएसटी रिफंड का दावा किया था।

सूत्रों के अनुसार इस कृत्य में बेइमान लोग शामिल हो सकते हैं। इन निर्यातकों की इकाइयां सिर्फ कागजों पर हैं। इस धोखाधड़ी का पता लगने से सरकारी खजाने को 350 करोड़ रुपये की बचत हुई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की लाइसेंस की शर्तों के अंतर्गत आने वाले सीमा शुल्क ब्रोकरों के लिए निर्यातकों के केवाईसी का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना जरूरी है।

हालांकि हाल के महीनों में पकड़े गये मामलों में पाया गया है कि कम से कम 50 सीमा शुल्क ब्रोकर ऐसे हैं जिन्होंने ऐसी निर्यातक इकाइयों के साथ काम किया है जिनका कोई ठौर ठिकाना नहीं है। ऐसी इकाइयों ने अपने जो पते दे रखे हैं वहां उनके होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे ब्रोकरों की भी जांच हो रही है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच बढ़ने पर गड़बड़ी के नए तौर-तरीके सामने आएंगे।

 

सौजन्य से: हिंदुस्तान हिंदी

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