जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न का ब्याज कम किया

टीकमगढ़.  ऐसे व्यापारी जिन्हाेंने जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक के जीएसटी रिटर्न फाइनल नहीं किए हैं और इन पर काेई टैक्स बकाया नहीं है ताे  ऐसे व्यापारियाें काे अब रिटर्न फाइल करने पर लेट फीस नहीं भरना हाेगी। छाेटे व्यापारियाें काे भी 30 सितंबर तक रिटर्न फाइल करने का समय दिया गया है।
निर्धारित समय के बाद ब्याज की दराें काे 50 प्रतिशत तक कम किया गया है जिससे छाेटे-बड़े व्यापारियाें काे लाभ मिलेगा। जानकारों ने बताया कि 5 करोड़ से कम टर्न ओवर वालों को भी फायदा हो रहा है। इसके चलते फरवरी 2020 से मई 2020 तक जो रिटर्न फाइल किए जाएंगे। उसमें 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की जगह 9 प्रतिशत वार्षिक कर दिया गया है।
अगर 1 जुलाई 2017 से 31 जनवरी 20 तक अगर कोई व्यवसायिक टर्न ओवर नहीं हुआ है तो इस अवधि की उन्हें लेट फीस नहीं देना होगी। यदि व्यापारी की किसी महीने में टैक्स की देनदारी होती है, तो उसे पूर्व में अधिकतम 10 हजार रुपए टैक्स लगता था जो कि अब 500 रुपए प्रतिमाह तक सीमित कर दिया गया है। 5 करोड़ से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को फरवरी, मार्च का रिटर्न 30 जून, अप्रैल का रिटर्न 6 जुलाई तक और मई का 13 जुलाई तक भरना होगा।
व्यापारियों काे यह लाभ: छोटे व्यवसायियाें काे फरवरी से अप्रैल 2020 का जीएसटी रिटर्न 6 जुलाई 2020 तक भरने पर कोई लेट फीस और ब्याज नहीं लगेगा। 6 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर 30 सितंबर 2020 तक जीएसटी रिटर्न जमा करने पर केवल 9% ब्याज देना होगा।
ये भी मिली सुविधा: ऐसे करदाता जिनका पंजीयन 12 जून 2020 के पहले रिटर्न नहीं भरने के कारण निरस्त हो गया था। उन्हें सरकार द्वारा एक मौका दिया गया है, अगर वे 1 जुलाई 2017 से 30 जनवरी 2020 तक का रिटर्न 1 जुलाई 20 से 30 जून 20 तक जमा कर देते हैं तो उनके निरस्त पंजीयन चालू हो जाएंगे।

5 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए
5 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारी अगर फरवरी, मार्च और अप्रैल का रिटर्न 20 मई तक भर देते हैं तो उन्हें ब्याज नहीं देना पड़ेगा। अगर वे इसके बाद रिटर्न भरते हैं तो 24 जून तक 18 प्रतिशत की जगह 9 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना पडृ़ेगा। व्यापारियों को 24 जून तक फरवरी, मार्च और अप्रैल के सारे रिटर्न भरने हैं। जिन व्यापारियाें ने जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक का जीएसटी रिटर्न तीन बी फाइल नहीं किया है तो प्रति 500 रुपए पर रिटर्न के हिसाब से लेट फीस लागू होगी। घटी दर की लेट फीस 1 जुलाई 2020 से 30 सितंबर 2020 के दौरान जीएसटी रिटर्न फाइल करने पर लागू हाेगी।

 

सौजन्य से: दैनिक भास्कर

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