चाइनीज मोबाइल, एक्सेसरीज पर कसेगा शिकंजा

 नई दिल्ली : देश में सस्ते चाइनीज मोबाइल फोन, बैटरी, एडॉप्टर और कई अन्य डिजिटल गैजेट्स की बिक्री पर जल्द ही लगाम कसने वाली है। भारतीय बाजार में इस तरह का कोई भी सामान उतारने से पहले देसी-विदेशी मैन्युफैक्चरर्स को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के तहत खुद को रजिस्टर कराना होगा। उसके हर मॉडल की लैब टेस्टिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही उसे बिक्री की इजाजत मिलेगी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और आईटी डिपार्टमेंट की पहल पर बीआईएस ने मोबाइल फोन सहित 15 अन्य इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल उत्पादों को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की लिस्ट में शामिल कर लिया है। इनमें एलईडी लैंप, कैश रजिस्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर जैसे कई प्रॉडक्ट भी हैं, जिनका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। करीब डेढ़ साल पहले विभाग ने लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, माइक्रोवेव अवन जैसे उत्पादों पर रजिस्ट्रेशन लागू किया था, लेकिन इसमें मोबाइल और एक्सेसरीज शामिल नहीं थे। एक अनुमान के मुताबिक 80 पर्सेंट से ज्यादा चाइनीज इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट भारतीय मानकों का पालन नहीं करते।
बीआईएस के डायरेक्टर जनरल एम जे जोसेफ ने बताया, ‘इलेक्ट्रॉनिक एंड आईटी गुड्स (रिक्वायरमेंट फॉर कंपलसरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर 2012 के तहत पहले से शामिल 15 उत्पादों के अलावा हम 15 और प्रॉडक्ट पर रजिस्ट्रेशन लागू कर रहे हैं। इसमें मोबाइल फोन, बैटरी, पावर एडाप्टर, एलईडी लैंप, प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल, कैश रजिस्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर शामिल हैं। इसका मकसद बाजार में सब-स्टैंडर्ड उत्पादों को आने से रोकना है।’ अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस मुहिम का एक और मकसद बढ़ती डिमांड वाले उत्पादों का आयात घटना है। भारतीय बाजार में चाइनीज मोबाइल, बैटरी, एक्सेसरीज और अन्य डिजिटल गैजेट्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। वहां के कुछ गिने-चुने बड़े ब्रांड ही बीआईएस के तहत रजिस्टर्ड हैं, जबकि भारतीय बाजार में 80 पर्सेंट से ज्यादा हिस्सेदारी छोटे चाइनीज ब्रांड्स की है, जो सिर्फ कीमत के मोर्चे पर घरेलू मैन्युफैक्चर्रस को टक्कर देते हैं।
बीआईएस के इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सेल के अधिकारी ए के शर्मा ने कहा, ‘अब 30 प्रॉडक्ट के कंपलसरी रजिस्ट्रेशन में आने का जितना फायदा कंज्यूमर को मिलेगा, उतना ही देसी मैन्युपैक्चरर्स को भी। घटिया विदेशी सामान की सप्लाई रुकने से जो मार्केट प्लेस खाली होगा, उसे अच्छी देसी कंपनियां भरेंगी।’ उन्होंने बताया कि अब ग्राहकों को लिस्ट में शामिल 30 उत्पादों में से किसी की भी खरीदारी करते समय ‘सेल्फ डिक्लेरेशन कॉनफॉर्मिंग टु आईएस’ जरूर देखना चाहिए।
मोबाइल के अलावा नई लिस्ट में एलईडी लैंप भी है, जिसकी डिमांड भारत में तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने हाल ही में दिल्ली से एक स्कीम की शुरुआत भी की है और एक निश्चित अवधि के भीतर हर घर में एलईडी लैंप पहुंचाना चाहती है। अधिकारियों के मुताबिक इम्पोर्ट होने वाले ज्यादातर एलईडी लैंप भारतीय मानकों पर खरे नहीं होते। लेकिन उनकी कीमत मार्केट में उपलब्ध ब्रांडेड प्रॉडक्ट से 70 पर्सेंट तक कम होती है, जिससे उनकी बिक्री ज्यादा होती है।
स्रोत : इकनॉमिक टाइम्स

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