खाद्य तेलों पर सरकार ने बढ़ाई 5 प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी

नई दिल्ली : खाद्य तेलों के बढ़ते आयात से घरेलू उद्योग पर लगातार बढ़ रहे दबाब को कम करने के लिए सरकार ने आज इनके आयात पर शुल्क 5 प्रतिशत बढ़ा दिया है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की तरफ से जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। अधिसूचना में यह कहा गया है कि सभी श्रेणियों के खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क 5 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। कच्चे खाद्य तेल आयात पर शुल्क अब 12.5 प्रतिशत हो जाएगा जबकि परिष्कृत खाद्य तेल पर आयात शुल्क अब 15 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।Refined_Sunflower_Oil_-_Soybean_Oil_-_Corn_Oil_-_Extra_Virgin_Olive_Oil

गौरतलब है कि उद्योग मंडल एसोचैम ने मानसून की बेरुखी को देखते हुए इस वर्ष खाद्य तेल का आयात 14 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की संभावना जताई थी। 2014-15 में खाद्य तेल आयात 10 अरब डॉलर का रहा था। खाद्य तेल उद्योग का मानना है कि 2014-15 तेल वर्ष (नवंबर से अक्तूबर) के दौरान खाद्य तेल का आयात पहले के एक करोड़ 16 लाख टन की तुलना में बढ़कर एक करोड़ 40 लाख टन पहुंच जाने की संभावना है।
देश में खाद्य तेलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 70 प्रतिशत मात्रा का आयात किया जाता है और इसमें मुख्यत: मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम ऑयल मंगाया जाता है। अमरीका और अर्जेन्टीना आदि से बड़ी मात्रा में सोयाबीन तेल का आयात होता है। चालू तेल वर्ष के पहले 10 माह के दौरान खाद्य तेलों का आयात 23 प्रतिशत बढ़ चुका है। पिछले साल यह 95 लाख 20 हजार टन था, जबकि अब यह एक करोड़ 17 लाख 20 हजार टन हो चुका है।

कच्चे खाद्य तेल पर शुल्क 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत और रिफाइंड खाद्य तेल पर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। शुल्क में यह संशोधन राजस्व सचिव हंसमुख अधिया द्वारा स्थिति का जायजा लिए जाने के बाद किया गया।

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