कोरोना से निपटने में फंड की ना हो कमी, राज्यों का जीएसटी मुआवजा चुकाने के लिए कर्ज लेने पर विचार

कोरोना से निपटने में राज्यों के पास फंड की कमी ना हो इसलिए केंद्र सरकार राज्यों का बकाया जीएसटी मुआवजा देने के लिए कर्ज लेने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए जल्द ही जीएसटी काउंसिल की बैठक बुला कर फैसला लिया जा सकता है। क्योंकि दिसंबर महीने से ही जीएसटी मुआवजा बकाया है और राज्य लगातार इसके लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाल रहे हैं। इसको मद्देनजर रखते हुए राज्यों का जीएसटी मुआवजा चुकाने के लिए कर्ज लेने पर विचार किया जा रहा है।

 

केंद्र सरकार के पास कम्पनसेशन सेस फंड के ऊपर कर्ज लेने का विशेष विकल्प खुला है। अतिविशेष परिस्थिति में इस स्पेशल क्लॉज का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

सूत्रों के मुताबिक कंसोलिडेटेड फंड से उधार लेने  के विकल्प पर केंद्र राजी नहीं है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में इस विकल्प पर चर्चा होगी। 20 अप्रैल के बाद वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिए जीएसटी काउंसिल की बैठक  हो सकती है।

कोरोना से निपटने में कई राज्य फंड की कमी का हवाला दे रहे हैं। दिसंबर से ही राज्यों को जीएसटी मुआवजा नहीं दिया जा सका है। मार्च तक कुल मिलाकर करीब 65 हज़ार करोड़ मुआवजा बकाया है। इसमें दिसंबर और जनवरी की रकम करीब 35 हज़ार करोड़ रूपया होती है। अक्टूबर-नवंबर का बकाया 14103 करोड़ रुपया था जो पिछले हफ्ते जारी हुआ है।

 

सौजन्य से: मनी कंट्रोल

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