कंपनिया लूट रही हैं सरकार व उपभोक्ताओं को

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मुरादाबाद : विदेशी कंपनियां सरकार व उपभोक्ताओं को लूटने जुटी हुई हैं। विदेश से मंगाए जाने वाले मशीनरी के पार्ट्स में कस्टम ड्यूटी की चोरी के साथ उपभोक्ताओं से मनमानी राशि वसूली जा रही है। कस्टम व बांट-माप विभाग के अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
देश में विदेशी कंपनियों के इलेक्ट्रानिक उत्पाद की बिक्री होती है। इलेक्ट्रानिक उत्पाद के निर्माण व मरम्मत के लिए पाटर््स विदेश से मंगाए जाते हैं। विदेशी कंपनियां मरम्मत के पार्टस को पर्सनल यूज के लिए दिखाकर कस्टम ड्यूटी का भुगतान नहीं करती हैं। पर्सनल यूज का मतलब उन पाटर््स से इलेक्ट्रानिक उत्पाद जैसे टीव, फ्रिज आदि बनाकर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। विदेशी कंपनियां यदि मरम्मत के लिए पार्ट्स आयत करती हैं तो पाटर््स के कीमत का बराबर कस्टम डयूटी देनी पड़ेगी और तो और मरम्मत के पाटर््स पर कीमत तक अंकित नहीं की जाती है और उपभोक्ताओं से मनमाना दाम वसूला जाता है। जबकि विधिक माप बांट अधिनियम 2009 के तहत बाजार में बिकने वाले सभी वस्तुओं पर एमआरपी (अधिकतम मूल्य) अंकित करना आवश्यक है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर कंपनी मालिक के खिलाफ अर्थ दंड के साथ कारावास का प्रावधान है। देसी इलेक्ट्रानिक कंपनियां विदेशों से पाटर््स मंगाने के बाद भी उस पर एमआरपी लिख कर बिक्री करती हैं। वोल्टास व गोदरेज के पार्ट्स पर एमआरपी अंकित होता है। जबकि अन्य विदेशी मोबाइल कंपनियों की पार्टस पर एमआरपी अंकित नहीं होता है। इलेक्ट्रानिक उपकरण की मरम्मत के समय उपभोक्ता से पार्ट्स की कीमत तो वसूल की जाती है लेकिन कैशमेमो में पर्सनल यूज लिख कर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है।
वरिष्ठ बांटमाप निरीक्षक हिमाद्रि सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रानिक पार्टस बेचने वाली विदेशी कंपनियां पाटर््स पर एमआरपी नहीं अंकित करती हैं। इस तरह के मामले देश में कुछ स्थानों पर पकड़ में आए हैं। दीपावली के बाद चेकिंग अभियान चलाया जाएगा

सौजन्य से :दैनिक जागरण

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