एयर प्रिवेंटीव यूनिट ने पकड़ी चांदी तथा पेनड्राइव की तस्करी

मुम्बई : कस्टम ड्यूटी बढ़ने और घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से देश में चांदी-सोने और अन्य वस्तुओं की तस्करी बढ़ती जा रही हैं बेलार्ड इस्टेट के न्यू कस्टम हाउस की एयर प्रिवेंटीव यूनिट ने अपनी कड़ी निगरानी से दो करोड़ रुपये से ज्यादा के एक जखीरे की तस्करी होने से बचा लिया। मैसर्स अपेक्स इंड की योजना मुम्बई के एयरपोर्ट के एयर कार्गो कॉम्पलेक्स से 100 किलो चांदी की जूलरी और 20,000 पेनड्राइव को क्लीयर कर बाहर लाने की थी। वह अपनी इस योजना में सफल भी हो गया था क्योंकि कस्टम हाउस एजेंट निलेश सिंह ने यह जखीरा कस्टम के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों की मिली-भगत से क्लीयर करा लिया था। गौरतलब है कि पेनड्राइव पर 200 रुपये प्रति नग एंटी डंपिेग ड्यूटी लगती है ताकि घरेलू पेनड्राइव इंडस्ट्री को सस्ते आयात से बचाया जा सके। यह ड्यूटी ही करीब 1 करोड़ रुपये बैठ रही थी। यह सामान कस्टम रुल्स सीटीएच 4208 के तहत मैसर्स अपेक्स पीयू बेल्ड बताकर ला रही थी जिसका उपयोग रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम में होता है। इस जखीरे की कीमत भी फर्म कम बता रही थी ताकि कस्टम जांच ही न हो, लगकिन कस्टम एजेंट और उसे वरदहस्त दे रहे कुछ कार्गो अधिकारियों पर कस्टम को शक हा गया और जैसे ही यह जखीरा क्लीयर हो रहा था कस्टम अधिकारियों ने पूरा जखीरा थोड़ी बहुत पूछताछ के बाद जब्त कर लिया। अब कस्टम यह मामला सीबीआई को देने जा रही है। कस्टम सूत्रों का कहना है कि एयर कार्गो मलाईदार जगह होने के कारण अनेक अधिकारियों का ट्रांसफर अन्य जगहों पर हा गया है लेकिन भ्रष्टाचार के चलते वे अपने मौजूदा पदों पर ही बने हुए है। सूत्रों के अनुसार अकेले कस्टम हाउस एजेंट निलेश सिंह ने अपने इन रिश्तों के चलते पिछले दो सालों में 50 कंसाइनमेंट क्लीयर कराए है।

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