एमडी ड्रग केस में आरोपी ने कस्टम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाये

मुंबई : म्याऊ म्याऊ नाम से बदनाम एमडी ड्रग केस में जिस सिपाही धर्मराज कलोखे उर्फ धर्मा को पिछले पखवाड़े गिरफ्तार किया गया था, उसे मरीन लाइंस लॉकर ड्रग केस में बुधवार को किला कोर्ट में पेश किया गया। उस केस में धर्मा ने अपने वकीलों के जरिए कोर्ट में कुछ गंभीर आरोप लगा दिए। वकीलों ने एक ऐप्लिकेशन के जरिए दावा किया कि ड्रग से जुड़े इस केस में कुछ कस्टम व पुलिस अधिकारी शामिल है। उन्हें बचाने के लिए सिपाही धर्मा को फंसाया गया है। वकीलों ने मुंबई पुलिस पर आरोप लगाया कि मरीन लाइंस लॉकर केस में आरोपी बनाकर धर्मा की इसलिए कस्टडी ली गई है, ताकि यह पता किया जा सके कि उसने खंडाला पुलिस को क्या-क्या कहा, जबकि इस केस में दूसरी एफआईआर की जरूरत ही नहीं थी।
ऐप्लिकेशन में कहा गया कि पुलिस ने ड्रग केस में आरोप लगाया है है कि धर्मा ने अकेले ही इस अपराध को अंजाम दिया है। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि ऐप्लिकेशन देनेवाला यानी आवेदक अदालत के सामने यह अवांछित तथ्य लाना चाहता है कि धर्मा सबसे जूनियर पुलिसकर्मी है, इसलिए यह तर्कसंगत रूप से समझा जा सकता है कि इस किस्म के बड़े अपराध को उसके द्वारा अंजाम दिया जाना संभव ही नहीं है।
चूंकि प्रतिबंधित ड्रग बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड में रिकवर की गई हैं, इसलिए इस मुकाम पर यह नहीं कहा जा सकता कि कोई अपराध हुआ ही नहीं है। अपराध तो हुआ है, पर इस तथाकथित अपराध की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई है, क्योंकि पैसा कमाने की लालच में कुछ खास कस्टम अधिकारियों के साथ- साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी उपरोक्त अपराध को अंजाम देने में मदद की है। सातारा जिले की खंडाला पुलिस स्टेशन ने तथ्यात्मक रूप से ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट की फर्स्ट क्लास कोर्ट में यह बात बाकायदा रिकॉर्ड कराई है।
ऐप्लिकेशन में कहा गया कि धर्मा से सातारा पुलिस द्वारा एक कस्टम अधिकारी के बारे में पूछा गया, जिसे वह जानता तक नहीं है। इसके अलावा उससे मुंबई पुलिस के एक आईपीएस अधिकारी के बारे में भी पूछताछ की गई। चूंकि मुंबई पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई कि खंडाला पुलिस ने उनके बारे में भी उससे पूछताछ की है और चूंकि उन्हें संदेह है कि धर्मा ने खंडाला पुलिस को उनके खिलाफ कुछ बताया होगा , इसलिए अंदेशा है कि धर्मा को मुंबई पुलिस की कस्टडी में प्रताड़ित किया जाएगा और उससे पूछा जाएगा कि उसने खंडाला पुलिस को मुंबई के इनवॉल्व पुलिसवालों के बारे में क्या-क्या बताया। इसलिए कोर्ट से अनुरोध किया गया, धर्मा से पुलिस उसके वकीलों के सामने पूछताछ करे और वकीलों को उससे कम से कम दो बार सुबह और शाम मिलने की छूट हो।
स्रोत : इकनॉमिक टाइम्स 

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