एथेनॉल पर एक्साइज ड्यूटी ख़त्म, चीनी पर आयात शुल्क बढ़कर 40%

नई दिल्ली : गन्ना किसानों का बकाया भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया है। इससे पहले चीनी पर आयात शुल्क 25 फीसदी था। वहीं एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन अब छह माह कर दिया गया है। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 21 हजार करोड़ रुपए बकाया है। साथ ही चीनी के बफर स्टॉक बनाने पर लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके अलावा सरकार ने एथेनॉल पर एक्साइज ड्यूटी को खत्म कर दिया है। इससे चीनी की कीमतों को सहारा मिल सकता है।
लोक सभा में खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि गन्ना किसानों की मदद करने के लिए सरकार ने चीनी के आयात शुल्क को बढ़ाकर 40 फीसदी करने का फैसला किया है। साथ ही एथेनॉल पर एक्साइज ड्यूटी को खत्म करने का भी फैसला लिया है।
सरकार ने चीनी के लिए ड्यूटी फ्री इंपोर्ट ऑथराइजेशन स्कीम को वापस लेने का फैसला किया है। इसके तहत निर्यातक ड्यूटी फ्री रॉ शुगर का आयात करते थे। साथ ही सरकार ने एथेनॉल पर लगने वाले 12.36 फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कोे भी खत्म करने का फैसला किया है।
चीनी की कीमतों में भारी गिरावट आई है जिसके कारण चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया राशि बढ़कर 21000 करोड़ रुपए पहुंच गया है। लगातार यह पांचवा साल है जब देश में सरप्लस चीनी उत्पादन हुआ है।
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने इस महीने मुख्य गन्ना उत्पादक राज्यों के चीनी उद्योग, किसान संगठनों और राज्य सरकारों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में राज्य सरकार ने केंद्र से सफेद चीनी के निर्यात पर सब्सिडी, 20 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाने, चीनी मिलों के कर्ज को पुनर्गठन और एथेनॉल पर ज्यादा सब्सिडी की मांग की थी।
चीनी की गिरती कीमतों के कारण मिलें अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रही है जिससे गन्ना किसानों का बकाया राशि बढ़ रहा है। चीनी उत्पादन में मिलों की लागत 29-33 रुपए प्रति किलो है। जबकि एक्स मिल भाव 23-27 रुपए प्रति किलो है। ऐसे में मिलों को 6 रुपए प्रति किलो का नुकसान हो रहा है। अक्टूबर से अब तक चीनी की कीमतों में 15 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। फिलहाल चीनी की कीमतें करीब 4 साल के निचले स्तर पर है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक चीनी वर्ष 2014-15 के दौरान 265 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। पिछले साल देश में 243 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ था। 1 अक्टूबर को चीनी का ओपनिंग स्टॉक 75 लाख टन था। जबकि इस साल देश में 248 लाख टन चीनी खपत होने की संभावना है।
स्रोत : दैनिक भास्कर

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