एक्सपोर्टर्स ने जिन मामलों में इंपोर्ट से पहले एक्सपोर्ट करके गलत तरीके से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) छूट ली है, उन्हें डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है

Image result for directorate of revenue intelligence मुंबई : एक्सपोर्टर्स ने जिन मामलों में इंपोर्ट से पहले एक्सपोर्ट करके गलत तरीके से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) छूट ली है, उन्हें डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। ऐसे मामलों में गुजरात हाईकोर्ट के एक और ऑर्डर पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से रोक लगा दिए जाने के कुछ दिन बाद ये नोटिस जारी हुए हैं। गुजरात हाई कोर्ट ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट के उस नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया था जिसमें DRI को उन एक्सपोर्टर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की इजाजत दी गई थी, जिन्होंने इंपोर्ट से पहले की शर्त का पालन नहीं किया था और गलत तरीके से GST छूट ली थी।

कई एक्सपोर्टर्स को IGST लौटाना पड़ सकता है और उन पर पेनाल्टी लगाई जा सकती है, क्योंकि DRI की तरफ से जिस तरह टैक्स नोटिस जारी हो रहे हैं, उससे लगता है कि कर विभाग इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक इंतजार नहीं करना चाहता। नोटिस उन एक्सपोर्टर्स को भेजे जा रहे हैं जिन्होंने पहले माल विदेश भेजा और बाद में कच्चा माल मंगाया था लेकिन GST टैक्स में छूट का फायदा ले लिया। लगभग 1,000 एक्सपोर्टर्स को ऐसे नोटिस जारी किए गए हैं।

इस केस में कुछ एक्सपोर्टर्स की पैरवी कर रही खेतान एंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक ए रस्तोगी कहते हैं, ‘एक्सपोर्टर्स को कारण बताओ नोटिस पर रोक के लिए संबंधित हाईकोर्ट में जाना होगा और राहत हासिल करनी होगी।’ एक्सपोर्टर्स से पहले IGST चुकाने के लिए कहा गया है क्योंकि फॉरेन ट्रेड पॉलिसी में पिछले कुछ महीनों में कई तरह के संशोधन किए गए हैं और कई नोटिफिकेशन जारी हुए हैं। ईटी ने 10 अक्टूबर को एक एक्सपोर्टर को जारी हुए नोटिस देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश पर 4 अक्टूबर को रोक लगा दी थी।

एक्सपोर्टर्स को विदेश से सामान मंगाते ही IGST देना होगा, जिसकी दर 18%, 12% और 5% है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि पिछली टैक्स व्यवस्था और फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (FTP) में इंपोर्टेड रॉ मैटीरियल का इस्तेमाल एक्सपोर्ट में होने पर कोई ड्यूटी नहीं देनी होती थी। यह सुविधा इंपोर्ट से पहले एक्सपोर्ट किए जाने के समय भी थी। हालांकि जीएसटी फ्रेमवर्क में एक्सपोर्टर्स को कुछ बेनेफिट्स हासिल करने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होता है।

रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसके मुताबिक बेनेफिट के लिए रॉ मैटीरियल का इंपोर्ट एक्सपोर्ट के बाद नहीं हो सकता। सरकार ने GST फ्रेमवर्क में संशोधन किया है जिसके आधार पर DRI ने एक्सपोर्टर्स को नोटिस जारी करना शुरू किया है। संशोधन में साफ कहा गया है कि इंपोर्ट ड्यूटी में छूट के लिए हर एक्सपोर्टर को इंपोर्ट पहले करना होगा। नोटिस के मुताबिक, ‘जिन मामलों में एक्सपोर्ट इंपोर्ट से पहले हुआ है उनमें ली गई टैक्स छूट कानूनी तौर पर सही और उचित नहीं है।’

source by : NBT

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