अभी लॉन्ग टर्म लीज ट्रांजैक्शन पर 18% GST लगता है, कंपनियों ने इसे हटाने या इसके बदले क्रेडिट क्लेम करने की इजाजत मांगी

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[ सचिन दवे | मुंबई ]

लॉन्ग टर्म लैंड लीज डील्स पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को लेकर कुछ कंपनियों ने सरकार और इनडायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट को कोर्ट में खींचा है। मौजूदा नियमों के अनुसार, किसी लॉन्ग टर्म लीज ट्रांजैक्शन पर 18 पर्सेंट GST लगाया जाता है, जिसका भुगतान प्राप्त करने वाला करता है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अगर डील में प्राप्तकर्ता जमीन पर कमर्शियल बिल्डिंग बनाना चाहता है तो चुकाए गए GST का इस्तेमाल इनपुट टैक्स क्रेडिट के तौर पर नहीं किया जा सकता।

बहुत सी कंपनियों ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि ऐसी ट्रांजैक्शंस से GST हटाया जाए या उन्हें उसके लिए क्रेडिट क्लेम करने की अनुमति दी जाए। अभी 99 वर्ष की लैंड लीज पर GST लगाया जाता है। यह एक कॉस्ट बन जाती है, अगर उस जमीन पर एक होटल या कोई अन्य कमर्शियल बिल्डिंग बनाई जाती है। लीज पर दी गई अधिकतर जमीन सरकारी है और बहुत से मामलों में जमीन होटल या पोर्ट बनाने के लिए लीज पर दी जाती है।

खेतान एंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक ए रस्तोगी ने बताया, ‘विभिन्न लॉन्ग टर्म लीज एग्रीमेंट के लिए प्राप्त करने वाले को 18 पर्सेंट GST का बोझ उठाना होता है। क्रेडिट का प्रोविजन न होने के कारण यह एक कॉस्ट बन जाती है। हमने क्रेडिट न मिलने को चुनौती दी है, विशेषतौर पर जब आउटपुट सप्लाई टैक्सेबल है, उदाहरण के लिए होटल या कोई अन्य कमर्शियल प्रॉपर्टी।’ बहुत से मामलों में सरकार ने भी होटल्स के अलावा पोर्ट्स के लिए लॉन्ग टर्म लीज कॉन्ट्रैक्ट किए हैं।

GST फ्रेमवर्क के अनुसार, इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के लिए कंपनियों को यह प्रमाणित करना होता है कि उन्होंने फाइनल प्रॉडक्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए रॉ मैटीरियल या किसी अन्य इनपुट पर टैक्स का भुगतान किया है। इनपुट टैक्स क्रेडिट एक मैकेनिज्म है, जिसमें रॉ मैटीरियल पर चुकाए गए टैक्स के एक हिस्से का इस्तेमाल भविष्य की टैक्स देनदारियों के बदले किया जा सकता है।

इस मामले में सवाल यह है कि क्या सरकार से लीज पर ली गई जमीन प्राप्त करने वाले के लिए ऐसी स्थिति में एक इनपुट होगा, जब उस जमीन पर एक होटल या पोर्ट बनाया जा रहा है। कुछ कंपनियों का दावा है कि अगर उस जमीन पर होटल बनाया जा रहा है तो लीजिंग को इनपुट माना जाना चाहिए

source by NBT

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